Bhadas ब्लाग में पुराना कहा-सुना-लिखा कुछ खोजें.......................

22.2.08

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1 comment:

डा०रूपेश श्रीवास्तव said...

दादा,लोग तो इसे देख कर सोच में पड़ जाएंगे कि आखिर यशवंत भाई जैसे आदमी ने पोस्ट किया है तो कुछ खास होगा ठीक वैसे ही जैसे कि हलवाई जलेबी का चित्र बनाए तो लोग उसे जीवन की जटिलताओं का सांकेतिक चित्र मान कर समीक्षा करने लगते हैं और पुरुस्कार भी दे देते हैं । मेरे लिये यह है
क्ल्सद्ज्फ़्क्ल्स्ज्फ़्द्स........
जय जय भड़ास