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29.2.08

सस्ती शोहरत कमाने के टोटके और मनीषा पांडेय

भाई लोग,जो लोग भी किसी स्त्री के मोबाइल नंबर को कच्छे-बनियान की तरह छिपा कर रखने की बात कर रहे हैं वे लोग स्त्री को दोयम दर्जे पर रखना चाहते हैं वरना जो लड़की खुद नहीं डर रही है आप सब उसे क्यों फ़ीमेल-फ़ीमेल कर के कुछ अलग सा महसूस करवाना चाहते हैं । रही बात डा.रूपेश की तो उन्हें किस बात का डर होगा वो तो पैदाइशी नंगे हैं और अंदाज़ फकीराना है ,चौबीस घंटे में एक टाइम खाना खाने वाले को क्या पैसा ,क्या प्रसिद्धि खोने का डर ? मैं अल्लाहताला से शिकायत रखती हुं कि उन्हें मेरा बेटा बना कर क्यों नहीं भेजा ? जो बंदूक की गोलियों से नहीं डरता उसे कौन धमका सकता है ,मेहरबानी करके यशवंत भाईसाहब उनकी वकालत न करें इस मुद्दे पर । मुझे पक्का यकीन है कि यह मनीषा पांडेय नाम की लड़की जो है वह मात्र औरत होने का नाजायज़ फायदा ले रही है और सस्ती शोहरत कमाने के टोटके आजमा रही है । उस पर ध्यान देकर उसका भाव मत बढ़ाइए । मनीषा दीदी को तो मैं भी जानती हूं और अब मैं खुद अपना मोबाइल नंबर सार्वजनिक कर रही हूं ,मेरा नंबर है - ०९८९२८०९६९२
यशवंत भाईसाहब मेहरबानी करके मेरा नंबर न हटाएं ।
भड़ास ज़िन्दाबाद

1 comment:

Hemant said...

vaise manisha ji doodh ki dhuli nahi hain. unke liye kee jane wali galee galauch to galat hai, par wo adarsh to nahi hain..jis tarah ka selfish nature hai unka..to aisa to hona hi tha.