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20.3.08

रऊआ सभे के होली मुबारक, ललका..पिअरका...हरिअरका...रंगवा मुबारक...भाई जी

भांग...भी पीना भीड़ू लोग....भौजाई को...जास्ती..तंग नही..करने का..बाकी तो भीड़ू लोग बुझता ही है...कम िलखना...जादा समझना

3 comments:

मंतोष कुमार सिंह said...

होली की लाखों-लाखों बधाइयां।

मंतोष कुमार सिंह said...

होली की लाखों-लाखों बधाइयां।

डा०रूपेश श्रीवास्तव said...

प्रभु,ई का होई गवा ,बुझाए रहा है कि दारू और भांग का मुर्गे का पूंछ(काकटेल) बनाए के चढाए लिहै हो.....