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23.4.08

मेरे दोस्त कहाँ हो

mere dost kahan ho

स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी का जमाना बीत चुका। वो दोस्त भी गुम हो गए जिनके साथ वो पल गुजारे थे जो हमेशा याद रहेंगे। इन दोस्तों को कहां ढूंढे? कैसे पता लगाएं वो आजकल क्या कर रहे हैं। कैसे संपर्क हो उनसे। न कोई पता न ठिकाना। लेकिन अब इसका हल भी निकल आया है। हल है बैचमेट डॉट कॉम यह वेबसाइट है जो हाल ही में शुरू हुई है। इसमें पास किए बैच के मुताबिक आप अपने दोस्तों के बारे में आसानी से पता लगा सकते हैं। इंटरनेट की दुनिया ने लोगों को इतना नजदीक लिया दिया है कि सीमाएं पुरानी बात हो गई हैं। विदेश में बैठे अपने दोस्तों से भी इंटरनेट के माध्यम से आसानी से संपर्क किया जा सकता है। लेकिन यदि मसला किसी एडरेस या संपर्क न होने का हो तो भी आधुनिक तकनीक ने इसका हल निकाल लिया है। हल के रूप में सामने आई है(इस वेबसाइट का फायदा कुछ लोगों ने तो उठा भी लिया है। उनके वे दोस्त जो करीब दस वर्ष या इससे पहले गुम हुए थे उन्हें इस वेबसाइट से ढूंढ लिया गया है। वेबसाइट बैचमेट डॉट कॉम में खास बात यह है कि इसमें देश भर के मुख्य स्कूलों, कॉलेजों व यूनिवर्सिटीज की डिटेल दी गई है। कुछ स्कूल तो वेबसाइट में ऐसे हैं जिन्हें अभी बैचमेट्स का इंतजार है तो कुछ में इनकी संख्या अच्छी खासी हो चुकी है। वेबसाइट में जाते ही इंस्टीट्यूट का नाम भरने के साथ ही इंस्टीट्यूट का रिकॉर्ड खुल जाता है। इसमें अब तक रजिस्ट्रड लोगों की सूची तो सामने आएगी ही साथ ही नए लोग भी इसमें खुद को रजिस्ट्रड कर सकते हैं। इसके बाद रजिस्ट्रड करने वाला अपने बैच मेट के साथ यहां पर पढ़ चुके पुराने स्टूडेंट्स के साथ भी संपर्क कर सकता हैै।

2 comments:

डॉ.रूपेश श्रीवास्तव(Dr.Rupesh Shrivastava) said...

भाईसाहब,अक्सर ही भारत में क्षेत्र के नेता चुनाव जीत कर खो जाते हैं अगर कोई वेबसाइट ऐसी हो जो इनका पता बताती हो तो उसका जिक्र भड़ास पर जरूर करियेगा.....

रजनीश के झा said...

रुपेश भाई, का नहला पे डाला मारा उ का कहते हैं की गाना है ना... मार डाला...... मार डाला......

वैसे सही बात तो यही है की हमें जिसे ढूंढ़ना होता है सेल पता नही किस बिल की बिल्ली मैं घुस जाते हैं, और जैन भाई पता नही ऐ गडलमुर्दा क्योँ उखार रहे हैं, अरे भाई नया नया उखारो , छोरो ससुरे पुराने को....

जय जय भडास