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25.4.08

अधनंगा क्रिकेट

आज का क्रिकेट .... टी २० के बारे में क्या कहे ! जोश और जूनून के अलावा कुछ भी नही है। हाँ ये क्रिकेट अधनंगा जरुर हो गया है। ग्राउंड के बाहर नाचने वाली आयातित सुंदरियाँ लोगो के साथ खिलाड़ियों का भी मनोरंजन करती है। लेकिन क्या इस क्रिकेट को देख कर अमरनाथ, रोज़र बिन्नी जैसे दिग्गज सर्म्सरहर नही होते होंगे। आधुनिकता के नाम पर हम कहा जा रहे है। संसद तक में आवाज़ उठी, lएकं क्या ये सभ कुछ बंद हो जाएगा। कोई ललित मोदी को क्यों नही समझाता कि भाई अगर कुछ न बिके , क्या उससे नंगा करके बेचा जाना उचित है ? बच्चे पूछते है कि ये मैच के बीच में ये क्यों कमर मटकाती है?
मेरे भाइयों, मेरी मदद करो , क्रिकेट का ये रूप नही देखा जा सकता!
अविनाश श्रीवास्तव

4 comments:

डॉ.रूपेश श्रीवास्तव(Dr.Rupesh Shrivastava) said...

भाई,अगर क्रिकेट का यह रूप नहीं देखा जाता तो मत देखो क्या डाक्टर ने बोला है कि अगर नहीं देखा तो अस्वस्थ बने रहोगे। हिम्मत साध कर एक बार बहिष्कार करके तो देखिये....

रजनीश के झा said...

भाई,
आपने कहा की नही देखा जाता, सत्य की असत्य ये आप अपने दिल पे हांथ रख कर ख़ुद को जवाब दीजिये, क्योँ की मैने देखा है की बड़े बड़े बुढे और ठर्कियौं की जामात बड़े चटखारे लेती है, भली लिख दे की उन्हें ये पसंद नही,

वैसी सबको पसंद है तो इसमें कुछ बुरे भी नही है।
क्योँ की मुझे भी ये पसंद ही है,
जय जय भडास

nitesh pal said...

patrkar hone ka ye matlab nahi ki aap, ko jo achha nahi lagta use aap duniya par thope.

nitesh pal said...

patrkar hone ka ye matlab nahi ki aap, ko jo achha nahi lagta use aap duniya par thope.