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13.7.08

क्या लौटेगी हरियाली

चंबल में इन दिनों खूब पानी है। बरसात से पहले नदी की धारा सिकुड़ गई थी। अब वह पूरे तेज पर है। चंबल के क्षेत्र में पानी की कमी से हालात यह हो गए हैं कि गांव बूढ़ा गए हैं। मतलब साफ है गांव के जवान काम की तलाश में बाहर हैं। गांव का गंवईपन गायब हो गया है। जो जवान गांव में बचे भी हैं वह जवानी में ही बूढ़े हो गए हैं। खेत खाली हैं और घर के कोठर से अनाज। कई सालों के बाद चंबल क्षेत्र में अच्छा पानी हुआ है। इन पानी से फसल की उम्मीद तो अधिक नहीं लेकिन जल स्तर में सुधार होना संभव है। हालांकि दृषिटहीन प्रशासन ने ऐसी कोई व्यवस्था नहीं की है कि जिससे गांव का पानी गांव में रह सके। जनता के बीच भी ऐसी कोई पहल नहीं दिखाई दे रही है। हां गांव और खेतों के पेड़ जरूर गायब हो गए हैं। हालात दिन ब दिन खराब हो रहे हैं। इस बारे में विस्तार से फिर कभी लिखूंगा लेकिन हालात ऐसे हैं जो दिल्ली और प्रदेश की अन्य राजधानियों में बैठे लोगों की समझ में नहीं आएंगे। उम्मीद है कि अगर ऐसी ही बारिश हुई तो खेत से लेकर आंख तक हरियाली लौट आएगी।

2 comments:

Som said...

It's really disappointing that Govt is not taking any step to conserve rainy water in Chambal region. Meanwhile, we all should be optimistic about progress in this region.

Sorry for putting comment in English. I love Hindi and good in it but don't know tying.

Som said...

It's really disappointing that Govt is not taking step to conserve rainy water in Chanbal Region.

Meanwhile, am also optimistic that with time things will be improve in region due to increasing awareness.

Sorry for putting comments in English. I love to read Hindi and good in it, but don't know, tying.