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21.7.08

भड़ास का असर रांची में

भड़ास ने रांची में अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है । हाल ही में लूमर जी ने भड़ास में रांची में खुल रहे एक टीवी चैनल में पत्रकारों पर हो रही ज्यादती और सीईओ की ग़लत नीतिओं के खिलाफ आवाज़ उठाई थी । असर यह है की चैनल के पुराने कर्मचारी सीईओ के बिरोध में खड़े हो गए हैं । इसी रविवार चैनल के पुराने और कुछ कार्यरत कर्मचारिओं ने सीईओ के खिलाफ आवाज़ बुलंद करने के लिए मीटिंग कर रणनीति तय की । हलाकि सीईओ की गतिविधियाँ ज्यों की त्यों बरक़रार है । तक़रीबन हफ्ते भर पहले जनाब सीईओ ने समूह द्वारा निकाले जा रहे स्वास्थय पत्रिका की पुरी टीम को बाहर का रास्ता दिखा दिया । ये तीसरी बार है जब पत्रिका की पुरी टीम को निकाला गया है। हलाकि पत्रिका का दूसरा अंक आज तक बाज़ार में नही आ सका है । खैर भड़ास के माध्यम से आन्दोलन की नीव पर गई है , आशा है जल्द ही सीईओ साहब औकात में आ जायेंगे ।

जय हो जय हो जय जय हो भड़ास की ।

4 comments:

prayash said...

bakre ki amma kab tak khair manayegi.jo ek tv channel ki aad me dusra dhandha talash raha hai wo kisi karamchari ko jyada dino tak company se jodkar kaise rakh sakta hai.bura karne walo ka anjam v bura hoga.aage aage dekhiye hota hai kya

prayash said...

bakre ki amma kab tak khair manayegi.jo ek tv channel ki aad me dusra dhandha talash raha hai wo kisi karamchari ko jyada dino tak company se jodkar kaise rakh sakta hai.bura karne walo ka anjam v bura hoga.aage aage dekhiye hota hai kya

Kumar Brijendra said...

wah bhai akhelesh bahut badhiya en tha kathita channel ke ceo ko hosh me lane ke liyea andolan karna hi hoga aapka josh hume bhi khushi pradan karta hai

रजनीश के झा (Rajneesh K Jha) said...

भाई,

बहुत शानदार है, लगे रहिये और आनदोलन की जोत को जलाये रखिये, ऐसे ही लोगों ने पत्रकार ओर पत्रकारिता का बंटाधार कर रखा है, नोबत आये तो बांस घुसाने से भी परहेज नही किजियेगा।
जय जय भडास