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28.8.08

तकनीक दिक्कतों से भड़ास4मीडिया कई जगह नहीं खुल रहा

bhadas4media.com भड़ास4मीडिया.काम, नंबर वन न्यूज पोर्टल आफ हिंदी मीडिया... कुछ तकनीकी दिक्कतों की वजह से बीएसएनएल, एमटीएनएल और रिलायंस के इंटरनेट कनेक्शन वाले कंप्यूटरों पर नहीं खुल रहा है। यह दिक्कत पिछले कई दिनों से है। आज इस दिक्कत को कुछ हद तक दूर कर लिया गया है। कई साथियों ने मेल कर और फोन कर इस प्रसिद्ध पोर्टल के न खुलने की शिकायत की। एक साथी ने तो मेल में यहां तक लिखा कि पत्रकारिता में जगह बनाने के लिए एक मात्र सहारा भड़ास4मीडिया भी कई दिनों से साथ नहीं दे रहा और सूचनाएं नहीं मिल पा रहीं। इन सभी से कहना चाहूंगा कि कृपया वे थोड़ा धैर्य रखें। अब साइट खुल रही होगी। अगर नहीं खुल रही है तो वो मुझे मेल करके बताएं। साथ में ये भी बताएं कि उनका नेट कनेक्शन किसका है।

पिछले ढाई महीनों में भड़ास4मीडिया की अपार लोकप्रियता का अंदाजा इसके कंटेंट हिट (पेज व्यू) से लगाया जा सकता है। यह पेज व्यू साढे तीन लाख तक पहुंच गया है। इतने कम समय में एक नई साइट का इतना पेज व्यू हासिल करना काफी बड़ी बात बताई जा रही है।

उम्मीद है, भड़ास से पैदा हुआ इसका बच्चा भड़ास4मीडिया यूं ही तरक्की करता रहेगा। ऐसा तभी होगा जब आप लोगों को प्यार बना रहेगा। अगर आपके पास भी मीडिया से जुड़ी कोई सूचना या खबर है तो उसे आप yashwantdelhi@gmail.com पर मेल करते रहें।

हां, एक अनुरोध जरूर करना चाहूंगा। भड़ास4मीडिया को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और इसे स्वतंत्र रूप से चलाने के लिए हमें आप सभी पत्रकार साथियों का सहयोग चाहिए। आप में से कोई भी अगर भड़ास4मीडिया को विज्ञापन दिला पाने में सक्षम है तो इसके लिए वो मुझसे yashwantdelhi@gmail.com पर संपर्क कर सकता है। विज्ञापन के दर और प्रपोजल मेल के जरिए भेज दिया जाएगा। मुझे यह वाकई उम्मीद है कि हजारों की संख्या में अपने हिंदी पत्रकार भाइयों की मौजूदगी में अगर एक पत्रकार एक वर्ष में केवल एक बार भी दस हजार रुपये तक का विज्ञापन दिला दे तो हम बड़े आराम से भड़ास4मीडिया का आफिस और इसके स्टाफ का खर्च वहन कर सकते हैं। यह एक सामूहिक और सामुदायिक प्रयास है, इसमें आपकी भागीदारी अपेक्षित है। उम्मीद है आप सभी इस अनुरोध को गंभीरता से लेंगे।

मुझे यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि 10 पत्रकार मित्रों ने खुद पहल कर मुझे फोन किया और भड़ास4मीडिया को विज्ञापन दिलाने का वादा किया। इसमें से 7 पत्रकार मित्रों ने दस हजार रुपये से लेकर 75 हजार रुपये तक के विज्ञापन दिलाए हैं। यह सिर्फ आगाज मात्र है। उम्मीद है, हर पत्रकार साथी जो भड़ास से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ा है, खुद ब खुद भड़ास4मीडिया के लिए काम करेगा। तभी यह छोटा बच्चा एक बड़े वट वृक्ष का रूप धारण कर सकेगा।

रूपेश जी ने भड़ासियों के 420 होने पर जो बधाई दी है, उसे मैं भी स्वीकार करता हूं। हम सब लगातार बढ़ रहे हैं और धीरे धीरे भड़ास अपने असली मुकाम तक पहुंचने की ओर अग्रसर है। आज 22 नए लोगों को भड़ास का सदस्य बनने के लिए लिंक भेज दिया है। इन सभी ने अपने नाम, पता, काम और मोबाइल नंबर yashwantdelhi@gmail.com पर भेज दिए थे।

भड़ास4मीडिया के चलते मेरी व्यस्तताएं लगातार बढ़ती जा रही हैं इसलिए भड़ास ब्लाग पर कम ही समय दे पा रहा हूं। इसी के चलते न तो कोई नई पोस्ट लिख पाता हूं और न कमेंट डाल पा रहा हूं। उम्मीद करता हूं कि साथी लोग इसका बुरा नहीं मानेंगे।

डा. रूपेश जी भड़ास ब्लाग पर हमेशा मौजूद रहते हैं और हर पोस्ट को पढ़ते रहते हैं। कई पर तारीफ के तो कई पर आलोचना के रूप में अपने कमेंट लिखते रहते हैं। हम सभी को डा. रुपेश के कमेंट पर बुरा मानने के बजाय उसे अपने संरक्षक द्वारा कही गई अपनी बात के रूप में लेना चाहिए। मानना या न मानना आपकी मर्जी है और आपकी मर्जी पर कोई जबरदस्ती नहीं कर सकता। यही भड़ास की खासियत है। भड़ास पर लिखने में कोई रोक नहीं है लेकिन आपकी भड़ास दूसरे की जुबान बंद कर दे, ऐसा भी न हो।

उम्मीद है आप सभी स्वस्थ और सकुशल होंगे।


जय भड़ास
यशवंत

5 comments:

डॉ.रूपेश श्रीवास्तव(Dr.Rupesh Shrivastava) said...

दादा,तकनीकी समस्या है तो उसका हल निकल ही आयेगा लेकिन बीच में ब्रेक हो जाने से लोगो घबरा गये कि कहीं कोई गम्भीर समस्या तो नहीं हो गयी। एडवर्टाइज वगैरह भी मिल रही हैं पर उसमें हम अपने स्तर से समझौता नहीं कर सकते हैं वरना बनियागीरी में हम भी उसी जमात में आ जाएंगे जो कि हम नहीं कर सकते......

manjuraj thakur said...

Dr. Sahab,

Mujhe Ek baat samjh nahi aai ki home page se apna blog hat jane ke baad use kya sirf apne gmail ke ID par dekhenge ya bhadas ke homepage par bhi dekha ja sakta hai, mujhe samjh nahi aa raha. Maine pareshan hui isliye aapkompareshan kiya, sorry.

Yadi reply dena chahe to mera email manjurajthakur@gmail.com per de sakte hai. Thax

Jai Bhadas

manjuraj thakur said...

Dr. Sahab,

Mujhe Ek baat samjh nahi aai ki home page se apna blog hat jane ke baad use kya sirf apne gmail ke ID par dekhenge ya bhadas ke homepage par bhi dekha ja sakta hai, mujhe samjh nahi aa raha. Maine pareshan hui isliye aapkompareshan kiya, sorry.

Yadi reply dena chahe to mera email manjurajthakur@gmail.com per de sakte hai. Thax

Jai Bhadas

SANJEET KUMAR said...

यसवंत सर
पहले 420 सदस्य होने के लिए आपको बधाई और भडास4 मीडिया की तकनिकी खराबी से परेशान न हो आप युही अपना अभियान जारी रखे भडास बुलंदी को छुयेगा ऐसा मेरा विश्वास है इस अभियान मै हम सभी आपके साथ है
संजीत - बेगुसराय

रजनीश के झा (Rajneesh K Jha) said...

दादा,
तकनिकी रूप से गरीब हमारे हिन्दी प्रेमी जल्दी ही तकनिकी समस्याओं को समझने लगेंगे और परेशानी भी कम रहेगी, समय सन्निकट है. और हां रुपेश भाई ने कहा बनियागीरी नही सच है मगर अर्थ एक कुशल संगठन को तो चाहिए ही सो मैं भी अपील करूंगा अपने भडासी पत्रकार मित्रों से की व्यवस्था के सञ्चालन में सहयोग दें. वैसे भी अर्थ भड़ास को दिक्भ्रमित करे मुझे इसकी संभावना दूर दूर तक नजर नही आती.
जय जय भड़ास