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31.8.08

क्या करें इन नेताओं का.....?

हमारे देश के नेता न जाने कौनसे घाट का पानी पीते है जो इनकी जुबान सबसे जुदा है.अभी राम विलास जी अजमेर आए...यहाँ उन्होंने फ़रमाया की सिमी पर पाबंदी लगना ग़लत है..लगनी ही है तो बजरंग दल पर लगाइए.......शर्म आती है इन नेताओं पर....अरे कभी तो वोट बैंक की चिंता छोड़ कर बात कीजिये.....किसका पक्ष ले रहें है आप....क्या आपने जयपुर विस्फोट में मारे गए लोगों का दर्द देखा है...शायद नहीं वरना ऐसा बेहूदा बयां नहीं देते? आंतकवादी का कोई धरम नहीं होता...जब आप जैसे नेता ..जिनका कोई जनाधार नहीं है......जिनको मनमोहन सिंह जी गठबंधन की मजबूरी मान कर झेल रहें है.......को ये हक ही नहीं है की ऐसी बयानबाजी करें.....आप हमें माफ़ करें पासवान जी.....समाज को बांटने....भड़काने की राजनीती करनी बंद कीजिये ........-रजनीश परिहार बीकानेर

1 comment:

रजनीश के झा (Rajneesh K Jha) said...

रजनीश जी,
आपको जयपुर के धमाके याद हैं, अच्छा है, मगर नही भी क्यूंकि आपको १९८४ नही याद है ना ही आपको भागलपुर दंगा याद है, शायद अयोध्या काण्ड भी नही याद होगा और गोधरा भी नही, नही तो आप ऐसी बातें ना करते. सिर्फ़ सिमी ही क्योँ अगर हमारे सांप्रदायिक सोहार्द में कोई खलल डालता है तो वो देशद्रोही है और उन सभी पे बंदी होनी चाहिए, क्या सिमी क्या बजरंगदल क्या शिवसेना और क्या ठाकरे,
मगर दोष किसपर और क्योँ अरे भैया खामी तो हम में है जो इन चूतियों की बात में आते हैं और अपने पड़ोसी को दुश्मन समझते हैं तो फ़िर ये आरोप क्यों.
चलिए इस वैर भाव को और इन चोर उचक्के नेताओं को भूल कर ख़ुद आपसी सद्भाव बढाये, तो फ़िर इन्हें बोलने का मोका ही न मिले.
जय जय भड़ास