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26.8.08

तीन "सी" का कमाल

मीडिया आजकल क्या दिखा और पढ़ा रहा है सब जानते है। प्रिंट हो या टी वी न्यूज़ चैनल मीडिया सभी "सी" के चक्कर में है। पहला सी क्राईम , दूसरा "सी" क्रिकेट और तीसरा "सी" है सेलेब्रिटी । इनके पीछे पत्रकार उस प्रकार भागते हैं जैसे फ़िल्म "नायक" में अमरीश पुरी कहता है। इनके बाद मीडिया के पास जो टाइम बचता है वह महानगर खा जाते है। ऐसा लगता है कि इनकी नज़र में इसके अलावा तो देश में कोई रहता ही नहीं। हमने तो यह पढ़ा था कि भारत गांवों में बसता है। पता नहीं किताबें ग़लत थी या पढ़ने वाले। पत्रकारों ने अपने आप को इतना सस्ता बना लिया है कि जो बात नहीं करना चाहता उसके पीछे भी घूमते रहते हैं,उसके सामने रोयेंगें,हाथ जोडेंगें उनकी लल्ला लोरी करेंगें । अरे भाई जब उसको जरुरत ही नहीं है अपनी पब्लिसिटी की तो क्यों अपना समय ख़राब करते हो। मजा तो तब आए जब ये लोग ख़ुद चलकर आयें हमें इनकीलल्ला लोरी करने के स्थान पर किसी पीड़ित के पास जन चाहिए जिस से उसको हेल्प मिल सके। तभी पत्रकार की गरिमा रहेगी। वरना तो उसकी इज्जत जैसी है वैसी भी नहीं। रहनी। अभी भी वक्त है,संभल जाओ वरना किसी भी गिनती में नही रहोगे.

2 comments:

डॉ.रूपेश श्रीवास्तव(Dr.Rupesh Shrivastava) said...

मुनिवर एक और C है जिससे शुरू होता है Chutiyapa, यह भी हमारे बंधुओं का पसंदीदा C है...
जय जय भड़ास

रजनीश के झा (Rajneesh K Jha) said...

देवर्षि,
इस C के चक्कर में चैनल चुतियापा तो कर ही रहा है लोगों को भी चुतिया बनाने में कोई कसर नही छोर रहा. पत्रकारिता के बजाये अगर ये लाला के गांड के बाल की फौज धंधा करेंगे तो इसके शिवा दे भी क्या सकते हैं.
जय जय भड़ास