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27.2.11

हमारी मजबूरी, मजबूर प्रधानमंत्री


सोनिया मैडम की मेहरबानी है इस देश पर जो उन्होने मनमोहन सिंह  को इतिहास का सबसे मजबूत प्रधानमंत्री बताते हुए  देश का नेतृत्व दीं,  लेकिन जब लगातार  संप्रंग सरकार के भ्रष्टाचार की परतें खुलने लगीं तो वही मजबूत मनमोहन मनमोहिनी मुस्कान के साथ अपने को मजबूर प्रधानमंत्री बताने लगे । काला धन को स्वदेश लाने की बातें जब भाजपा नें कही थी तो यही मनमोहन थे जिन्होने कहा था कि यूपीए सरकार के आने पर काला धन स्वदेश लाया जाएगा उस समय भाजपा ने अपने प्रधानमंत्री पद के रूप में लालकृष्ण आडवाणी को अपना उम्मीदवार बनाकर भारी भूल कर दी थी वह अपने को लौह पुरूष कहलवाते समय कांधार कांड भूल गये इसके अलावा अयोध्या केस को बंद करने का दोषी भी उन्हे ही जनता नें माना था इसलिये भाजपा की हार हुई । अगर कहा जाये कि विकास पर धर्ण हावी था तो गलत नही होगा क्योंकि भारतीय जनता पैसों में धोखा सहन कर लेती है मगर आस्था से खिलवाड नही होने देती ।
                                                              अभी तक जो भी भ्रष्टाचार के मामले सामने आए हैं वे तो प्याज का केवल सतही परत है, जब उन छिलकों को उतारा जाएगा तो लगातार हर परत के नीचे एक भ्रष्टाचारी कांड खुलता जाएगा । हमारे देश का ये दुर्भाग्य है कि हम सदा से दुसरों के रहमोकरम पर जीना पसंद करते आए हैं फिर चाहे वे मुगल हों या अंग्रेज हम अपनी गुलामी मानसिकता से नही उबर पा रहे हैं । सोनिया को हम भारतीय कहते हैं मगर भूल जाते हैं कि यदि हमारे परिवार की कोई लडकी दुसरे समाज या जाति में शादी कर लेती है तो उससे हम सारे संबंध तोड लेते हैं मगर सोनिया के साथ ऐसा नही कर पा रहे हैं । हमारे देश के भ्रष्टाचारीयों नें सोनिया को अपनी माँ बना रखा है और उसके आँचल की ओट में देश का पैसा खा रहे हैं । सोनिया मन ही मन उन्हे धन्यवाद देती होंगी कि भले ही तुम लोग जितना चाहे उतना खा लो मगर पावर मेरे हाथों में रहने दो ताकि मैं तुम्हे बचा सकूं और  महारानी  बनी रहूं । 
                                                             बाबा रामदेव चाहे जिस स्वार्थ में हो लेकिन ये तो मानना पडेगा कि उन्होने खुल कर राजनीती में कदम रखने का एलान कर दिये हैं । उनके इस कदम के पीछे आरएसएस का अप्रत्यक्ष समर्थन से इंकार नही किया जा सकता जिसका एक सिद्धांत जैसे को तैसा मिले का भी है । यह भी तय है कि यदि रामदेव बाबा के दल को सत्ता मिली तो गांधी परिवार सबसे पहले फरार हो जाएगा क्यों ...................................... ये आप सोचें ............. और ये भी सोचें कि यदि ऐसा हुआ तो क्या हम उन पर आपराधिक मामले लागू कर पाएंगे (क्योंकि इटली का संविधान अपने देश में जन्मे हर बच्चे को और हर नागरिक को आजीवन नागरिकता देता है ताकि कभी किसी दुसरे देश में उस पर आपराधिक मामला बनने पर वह अपने देश इटली में पनाह पा सके   अब या तो मजबूर प्रधानमंत्री को झेलो या फिर मजबूती से उसको उखाड फेंको और ये ध्यान रखो कि इस समय सारे विश्व में सत्ता परिवर्तन जनता कर रही है , सेना नही ।                                                    

2 comments:

अख़्तर खान 'अकेला' said...

shi khaa lekin mjburti akhir kis baat ki hm jise chhahen jb chhahen bdl skte hen koshish bhi krte hen lekin snsd men rishvt ke bl pr laalch ke bl pr aee kmzor prdhanmntri kursi pr rh kr khud ko bch let hen isliyen hm mzbut bn kr ab to bdl daalen. akhtar khan akela kota rajsthan

शालिनी कौशिक said...

सोनिया जी को कुछ न कुछ कहना आज हमारी आदत में शुमार हो चूका है.हम भूल जाते हैं कि राजनीती और फिल्मों की ये विशिष्ट हस्तियाँ जाति धर्म से बहुत ऊपर उठ चुकी होती हैं .जिस तरह हम जात पांत में बंटे हैं उस तरह ये नहीं होते.हमें तो यह दीखता है कि जिस तरह सोनिया जी भारतीय परंपरा का निर्वाह कर रही हैं उस तरह बहुत से भारतीय बहूएँ भी नहीं कर पाती.देश में जो स्थान वे आसानी से हासिल कर सकती थी वह उन्होंने सहज भाव से ठुकरा दिया और उनके विरोधियों ने सोचा की हमसे डर गयी.सही बात है जैसा बर्ताव आप जैसे विचारकों का उनके प्रति है यही दर्शाता है उस सोच को जो किसी भी बहु को ससुराल में भी परायापन ही देती है.