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31.7.11

राष्ट्र निर्माण...... (श्री अशोक गुप्ता जी अवश्य पढ़ें )

राष्ट्र क्या है ?


क्या राज्य एवं राष्ट्र एक ही हैं ?


क्या प्रान्त एवं राज्य एक ही हैं ?


प्रान्त एवं राज्य का अंतर राजनैतिक संप्रभुता को लेकर है ।


इसके विपरीत राष्ट्र (नेशन ) वास्तव में एक नस्ल या नस्लों का एक सुचारू मिश्रण है जिसमें एक की प्रधानता एवं अन्य के विलय से प्रधान तत्त्व को समृद्ध करने वाली एक संस्कृति बनती है ,वही राष्ट्र है । मैंने राष्ट्र का अर्थ यही समझा है । जैसे जल है ।

2 comments:

रविकर said...

बिलकुल ||
अक्षरश: सत्य ||

I and god said...

आदरणीय डा. ओम प्रकाश पाण्डेय जी ,

आपने हाडिंग में मुझे सम्भोधित करते हुए लिखा है, इससे मुझे अपार गर्व मिश्रित खुशी हुई है .

आपके वचनों का मेरी और मुखातिब होना किसके लिए गर्व की बात न होगी.

पर डा. साहिब , यह विषय मेरी योग्यता से बहुत ऊपर की चीज है .

इस विषय में में केवल तुलसी पीठाधीश्वर श्री रामभद्राचार्य जी महाराज द्वारा व्यक्तव्य की ओर आकर्षित करना चाहूँगा कि पहले ओर आखिर में भी धर्म , ओर राम के प्रति उनका समर्पाज होते हुए भी , उन्होंने कहा कि देश मेरा लिए सबसे पहले है .

अशोक गुप्ता
दिल्ली