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25.7.11

मैं बदल गया






काश में कल जैसा था वैसा न होता
इतना जिंदादिल न होता
आज फिर लोग ये न कहते की मैं बदल गया
काश की कल इतनी बरसात न हुई होती
तो लोग ये न कहते की सुखा पड़ गया

1 comment:

शालिनी कौशिक said...

बहुत सुन्दर बात बहुत सलीके के sath कही है रीना जी आपने.बधाई