Bhadas ब्लाग में पुराना कहा-सुना-लिखा कुछ खोजें.......................

30.7.11

ठंड रख कलमाड़ी !


ठंड रख कलमाड़ी !
Suresh Kalmadi by cricfan
अदालत  ने पूछे ये कैसे सवाल ?
गलते-गलते रह गयी मेरी काली दाल,
कैसे जान गए वे मेरी तिनको वाली दाढ़ी ?
मन को समझाना होगा !ठंड रख कलमाड़ी .
                     शिखा कौशिक

2 comments:

शालिनी कौशिक said...

bahut khoob kataksh.

तेजवानी गिरधर said...

आपकी चंद पंक्तियां बहुत असरकारक होती हैं शिखा जी