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30.10.11

बारह महीनों मैं , बारह तरीके से , चीज़ों के रेट बढाऊंगा रे ,


ढिंगा चिका , ढिंगा चिका , ढिंगा चिका




बारह महीनों मैं , बारह तरीके से , चीज़ों के रेट बढाऊंगा रे ,
दिग्गी कहेगा , सिब्बी लडेगा , मैं तो चुप रह जाऊंगा रे ....


ढिंगा चिका , ढिंगा चिका , ढिंगा चिका ...अरे ओ ओ ओ ओ , अर ओ ओ ओ ..
आजकल पिरधान जी इहे कालर ट्यून फ़िट किए हुए हैं अपना पेजर में

2 comments:

Dr. O.P.Verma said...

वाह क्या पेरोडी बनाई है। बहुत खूब।

डॉ.ओम वर्मा

I and god said...

आदरणीय डा. साहिब ,

धन्यवाद्, पर काश मैंने बनाई होती , ये तो चोरी का माल है , हम तो बस कदर दान हैं .
चीज़ काम की थी , और आप गुण - ग्राहक हैं ,
आपको पसंद आयी तो मेरा चोरी करना सफल हो गया .
और मुझे पता भी नहीं कहाँ से चोरी की .
इन्टरनेट का माल तो "गरीब की जोरू , सबकी भाभी" ही है
दासानुदास
अशोक गुप्ता , दिल्ली