परसों मेरे परम मित्र और म.प्र. के अलसी प्रचारक डॉ. मनोहर भंडारी का फोन आया। पिसनहारी जबलपुर में पहाड़ी पर एक जैन मंदिर है, जहाँ जाने के लिए एक बड़ी रपट चढ़ने के बाद 400 सीढ़ियाँ चढ़नी पड़ती हैं। वहां के मेनेजर श्री प्रकाश जैन को लंबे समय से घुटनों में ओस्टियोआर्थ्राइटिस की तकलीफ थी, चलने पर घटनों में चट-चट की आवाज आती थी और 1500 रुपये महीने की दवा खाने के बाद भी ज्यादा फायदा नहीं था और दो बार ऊपर मंदिर की सीढ़ियां चढ़ने में भी तकलीफ होती थी। डॉ. भंडारी ने उन्हे 50 ग्राम अलसी रोज खाने की सलाह दी। उन्हों बहुत चमत्कारी लाभ हुआ। एक महीने बाद उन्होंने दवा भी बंद कर दी। तीन महीने बाद अब वो फुर्ती से तीन बार मंदिर की सीढ़िया चढ़ जाते हैं। डॉ. भंडारी ने मेरी श्री प्रकाश जी से भी बात करवाई।
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