Bhadas ब्लाग में पुराना कहा-सुना-लिखा कुछ खोजें.......................

31.1.18

Senior Journalist Shyam Singh Rawat कहते हैं- मोदी का पीएम बनना एक राष्ट्रीय आपदा...

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प्रतिभा अग्रहरि की नई किताब- परमानेंटली ब्लाक



Senior Journalist Prasoon Shukla ने पूछा- देशद्रोहियों को जो मारे उसे सिपाही मानें या अपराधी?

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गोदी मीडिया


आम्रपाली के खरीदारों को सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत






दाउदनगर में हुआ मासिक पत्रिका ‘काराकाट न्‍यूज’ लोकार्पण


30.1.18

बरेली के डीएम ने पोस्ट डिलीट कर माफी मांग ली, देखें सारी पोस्ट्स




एबीपी न्यूज के पत्रकार को दी जा रहीं धमकियां


झारखंड के पूर्व मुख्य सचिव सजल चक्रवर्ती को ये क्या हो गया...



हवस के भूखे तेरह भेड़ियों को हो गया एड्स, पढ़ें ये खबर


देहरादून में ईटीवी के रिपोर्टर अवनीश पाल पर हमला



राज्यसभा टीवी से राजेश बादल ने दिया इस्तीफा


गुवाहाटी के वरिष्ठ पत्रकार डीएन सिंह का निधन


27.1.18

पदमावत पर यशवंत ने पहली और आखिरी बार क्या लिखा, पढ़िए...

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देवघर के पत्रकार आलोक संतोषी का निधन

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पूर्व विधायक ने पत्रकार पर हमला किया



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अमर उजाला में गड़बड़ हेडिंग छपी, बाद में आनलाइन पेपर में इसे बदल दिया गया


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समय उनका है!


वे हमारा सूरज अपनी जेबों में ठूंस लेते हैं 
हम रात की तारीक घाटियों में ज़िंदगी तलाशते हैं,
वे चमन की सारी खुशबुओं को अपने हम्माम में बंद कर लेते हैं 
और हम.... 
सड़ांध में मुस्काने खोजते हैं,
एक दिन जब भर जाएगा उनका पेट..... 
वे उल्टियां करेंगे शानो-शौकत की 
और हम उनकी उतरन
अपनी तिजोरियों में बंद कर लेंगे,
बाकी नहीं हैं दिन 
और......... रातें भी ख़त्म!
सुई की टिक-टिक उनके इशारों पर नाचती है,
हम...... अपने समय  का इंतज़ार कर रहे हैं!!!!!!
प्रक्षेपण न जाने कब हो जाए,
बंद हो जाए रौशनी
दर्शक दीर्घा में पसर जाए सन्नाटा
आओ एक आवाज़ तलाशें
मरघट में शायद चीत्कार के अर्थ बदल जाएँ।



(Image credit google)

गुरदीप सिंह सप्पल ने 'हिंद किसान' लांच किया


23.1.18

रोडवेज बस के कंडक्टर का हरामीपना

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उन्नाव के पत्रकार राजेश वाजपेयी की जिम्मेदारी बढ़ी


उन्नाव के वरिष्ठ पत्रकार राजेश वाजपेयी को समाचार प्लस चैनल प्रबंधन ने कानपुर हेड की भी जिम्मेदारी दे दी है.  इस तरह राजेश अब उन्नाव के साथ-साथ कानपुर की भी जिम्मेदारी निभाएंगे. अभी तक कानपुर हेड अश्विनी निगम हुआ करते थे. राजेश वाजपेयी करीब नौ साल तक उन्नाव में सहारा समय चैनल और राष्ट्रीय सहारा अखबार के ब्यूरो चीफ रह चुके हैं. उसके बाद हिंदुस्तान अखबार कानपुर के स्टाफ रिपोर्टर रहे. पत्रकारिता की शुरुआत राजेश ने दैनिक जागरण कानपुर के साथ की थी. वे स्वतंत्र भारत और जनसंदेश टाइम्स के भी उन्नाव ब्यूरो चीफ रह चुके हैं. राजेश वाजपेयी ने अपने एफबी वॉल पर यह सूचना अपने मित्रों के साथ साझा की है- ''आदरणीय प्रवीन साहनी जी के आदेश से मैंने 11जनवरी से समाचार प्लस कानपुर हेड का संभाला कार्यभार.''

डॉ राकेश पाठक हेमंत स्मृति कविता सम्मान से सम्मानित


बिल्ली एक प्रेम कथा


आम्रपाली वालों के खिलाफ यशवंत ने दर्ज कराई कंप्लेन

Yashwant Singh : आज सुबह मुख्यमंत्री कार्यालय से फोन आया और आम्रपाली द्वारा किए गए मेरे साथ फ्रॉड को लेकर जानकारी ली गयी। सभी विकल्पों पर चर्च की गई। यूपी cm के जनसुनवाई पोर्टल पर कम्प्लेन दर्ज करा दी है। नोएडा चूंकि मेरठ मण्डल में आता है इसलिए जांच ईमानदार ias अधिकारी और मेरठ के कमिश्नर प्रभात कुमार को दी गयी है। अब आम्रपाली के अनिल शर्मा और शिवा प्रिया के खिलाफ एफआईआर की तैयारी है। उसके बाद ''ऑक्युपाई आम्रपाली बिल्डर्स हाउस'' अभियान।

अजय प्रकाश की आंखों देखी--

Ajay Prakash : कल मैं बवाना में था। वहीं जहां दिल्ली में 17 मजदूर जलकर मर गए। हालांकि वहां जुटे मजदूर बता रहे थे 25 लाशें निकलीं थीं पर इसका न उनके पास आंखों देखी के अलावा कोई प्रमाण था और न अपने पास इसको पता लगाने का साधन। पर मैंने वहां कुछ महत्वपूर्ण बातों पर गौर किया, वह आपसे बताता हूं। वहां करीब मैं तीन घंटे से अधिक रहा। मौके पर दोनों ओर मिलाके करीब 6-7 सौ मजदूर खड़े थे। इसमें से 90 फीसदी युवा थे। 16 से 30 बरस के। इन युवा मजदूरों को फैक्ट्री से 50 मीटर दाहिने और 50 मीटर बाएं दूर रस्सी से रोककर रखा गया था। मौके पर एक भी मजदूर नहीं थे। मौके पर पत्रकार, पुलिस और कुछ अन्य लोग खड़े थे।

हार्वर्ड से आया रवीश कुमार को न्योता


20.1.18

कश्मीर की समस्या दिल्ली की देन


आज़मगढ़। 28 साल पहले कश्मीर से हिंदुओं के पलायन के दर्द पर शहर के रोडवेज़ समीप स्थित  एक सभागार में राष्ट्रीय विचार मंच द्वारा विस्थापित कश्मीर विषयक वैचारिक सम्मेलन किया गया।  इसमें वीर  बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर  के कुलपति प्रोफेसर डॉ राजाराम यादव ने कहा कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है दुनिया की कोई ताकत भारत से अलग नहीं कर सकती। विस्थापित कश्मीर की बात विश्वविद्यालय परिक्षेत्र में उठना राष्ट्रीय एकता की सोच को प्रदर्शित करता है।कश्मीर मुद्दे के लिए पूरे देश को एक जुट हो कर आवाज उठानी होगी। इस आवाज के सामने देश की विरोधी ताकतें हार जाएगी।उन्होंने कहा कि कश्मीर की समस्या से देश का बड़ा वर्ग अनभिज्ञ है। कश्मीर को भारत से जो लोग अलग करने की सोचते है आने वाले समय मे ऐसा वातावरण बन रहा है कि वो खुद दुनिया से अलग हो जायेगे। हमने असम की समस्या को दूर किया है आज जम्मू कश्मीर के लोगों को आभास करना होगा कि पूरा हिंदुस्तान उनके साथ है ।

लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार नवलकांत सिन्हा पर जानलेवा हमला


क्या वाकई आम्रपाली बिल्डर अनिल शर्मा को एड्स हो गया है...

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