अगर कोई बात गले में अटक गई हो तो उगल दीजिये, मन हल्का हो जाएगा...
भड़ास में भी छिपी है आसइसलिए चले आए अविनाशनहीं खेलते खिलाते हैं ताशफिर भी पत्ते बांटे हैं आजमोहल्ला नहीं है इनकानुक्कड़ पर हैं अविनाश
कहा गया है की भूत और भविष्य कभी भी रूपांतरित नही होता , इसलिए वर्त्तमान की चर्चा करना ज्यादा प्रासंगिक होता है , आपको नव वर्ष की ढेरों बधाईयाँ !
"बीती ताहीं बिसार के....आगे की सोचने को जी चाहता है....
भड़ास में भी छिपी है आस
ReplyDeleteइसलिए चले आए अविनाश
नहीं खेलते खिलाते हैं ताश
फिर भी पत्ते बांटे हैं आज
मोहल्ला नहीं है इनका
नुक्कड़ पर हैं अविनाश
कहा गया है की भूत और भविष्य कभी भी रूपांतरित नही होता , इसलिए वर्त्तमान की चर्चा करना ज्यादा प्रासंगिक होता है , आपको नव वर्ष की ढेरों बधाईयाँ !
ReplyDelete"बीती ताहीं बिसार के....
ReplyDeleteआगे की सोचने को जी चाहता है....