वैसी मन भावन बात तेरी ।
अन्ना तुझको नाम दिया ,
गाँधी का तुझे काम दिया ।
लो आज सजा फिर मंच तेरा ,
जनता बिछाती पलक पांवड़े ।
स्वागत है हे जनता जनार्दन ,
कर दो तुम सत्ता का मर्दन ।
अफसोस, नहीं हम पास तेरे ,
फिर भी हर पल हैं साथ तेरे ।
ये क्रांति नहीं अब रुकनी है ,
सत्य,अहिंसा की यह जननी है ।
यहाँ गाँधी ने उपवास किया ,
और बुद्ध ने यहाँ वास किया ।
नमन तुझे है आज के गाँधी ,
आभार तेरे पथ प्रदर्शन को ।
मेरी आँखे तरस रही हैं कबसे ,
तेरा दर्शन प्रत्यक्ष करने को ।
कटिबद्ध है तेरे संग हम सब ,
जन लोकपाल को लाने को ।
बिना रक्तमय क्रांति किये ,



very right .
ReplyDeleteBLOG PAHELI NO.1
अन्ना हजारे जी का आन्दोलन! फायेदा किसका-किसका ??
ReplyDeleteयदि आन्दोलन की टाइमिंग पर विचार किया जाये तो बहुत से तथ्य स्वम ही स्पष्ट हो जायेंगे. सर्वप्रथम आते है की इस आन्दोलन से लाभान्वित कौन कौन होगा
http://parshuram27.blogspot.com/2011/08/blog-post_20.html