* हिन्दू
जो हिंसा की बात करता हो , वह हिन्दू कैसे ही सकता है ?
जो प्रतिहिंसा , घृणा , निर्दयता की वकालत करे ,
जो अहंकारी , दर्प - पीड़ित हो ,
जो इस दुनिया के सुख के लिए
धन बटोरता , ऐयाशी करता ,
दलितों - दीनों के साथ दुर्व्यवहार करता,
स्त्री को पीड़ा देता , बच्चों पर जुल्म ढाता ,
वह हिन्दू कैसे ही सकता है ?
जिसकी राजनीति से जनता ,
जनता का कोई वर्ग सशंकित हो , वह
हिन्दू राजनीति कैसे हो सकती है ?
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* [विचार शिला ]
Party politics का अर्थ है -किसी का स्पष्ट पक्ष लेना और फिर उस पक्ष में हो जाना । धर्म की राजनीति से समझें । सभी धर्म भले हैं , या सभी धर्म बुरे हैं , यह सभी की साधारण समझ है / होती है । पर उन धर्मों की अच्छाई - बुराई के स्तर को अपनी समझ से तय करके किसी एक धर्म की श्रेष्ठता को स्वीकार कर , उसके पक्ष में हो जाना राजनीति है । और जब एक बार पक्ष में हो गए तो उसकी बुराई भी बुरी नहीं लगती । इसीलिये हिन्दू की विविधता को महान गुण मान कर लोग इसके पक्ष में हो जाते हैं । फिर इसके अन्दर व्याप्त बुराई उनसे ओझल हो जाती है । इस्लाम आदि अन्य धर्मों के अनुयायियों के साथ भी ऐसा ही होता होगा । मुझे यो लगता है कि राजनीति को समझना ही अब का बहुत बड़ा धर्म है । और धर्म का कर्तव्य हो गया है धर्मों की राजनीति समझना । ##
* मैं गलत लिखता हूँ , यह तो नहीं सोचता पर सब सही ही लिखता हूँगा यह भी मैं नहीं सोचता ! फिर भी लिखता हूँ । पता नहीं कब कोई सुधी इनमे से कोई बहुत सही बात निकाल ले जाए , और युग प्रवर्तक बन जाए ! अन्ना ने विवेकानंद की एक छोटी सी किताब ही तो पढ़ी थी ? ###
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Nadbai is a city and a municipality in Bharatpur district and under state (Rajasthan). Nadbai is divided into two areas called as Katra and Nadbai. RAM MANDIR, Bheetaki, Kumarghada are the very famous temples in Nadbai.
ReplyDeletevaakai aap ugranaath hai
ReplyDeleteसही कहा आपने, जिसके अंदर आत्म स्वाभिमान हो, जो देश द्रोहियों के तलवे न चाटे वो हिंदू कैसे हो सकता है? अरे! हिंदू तो वो है, जो हमेशा लात खाए, विदेशी आक्रांताओं से मिल कर देश से गद्दारी करे, अपने धर्म और आस्था को गरियाये, दूसरे महान(?) धर्मो से हमेशा डरा-सहमा रहे या ये कहे कि अपने धर्म को नेस्तनाबूत करने के लिए हरसंभव प्रयास करे वो ही सच्चा हिंदू है......
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