प्रिय भड़ासी मित्रों,
कहीं कोई जुगनू टिमका
पिछली रात रोशनी का इक कतरा
बरबस झाँका झूम के पूरब से,
समय ने फैलायी अपनी बाँहें
और खोल दिया अपना
अक्षय खजा़ना
शांति, ऐश्वर्य, समृद्धि
और आपकी अमर्त्य मुस्कान के लिए।।
नये साल २००८ की हृदयतल से अनगिनत शुभकामनायें॰॰
आपका
-ध्यानेन्द्र
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