19.9.08

आतंकवाद बेमानी है


-----चुटकी -----
कुर्सी नहीं है तो पानी है
अगर है तो बचानी है,
आतंकवाद ! छोड़ो भाई
ऐसे में ये बात बेमानी है।
---गोविन्द गोयल,श्रीगंगानगर

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