मुझे तुम्हारे सबसे भीतर बैठे इंसान से मिलना है
उससे भी भीतर सपने बुन रही लड़की से
मांगना है खुला आसमान
गुलाबी होठों पर जो सबसे ज्यादा अच्छी लगेगी
ऐसी चमक जिंदगी की फैलानी है मुझे
तुम में ढूंढनी है मुझे अनगिनत बेशुमार खुशी
और लुटा देनी है
तुम्हारे ही अकेलेपन में
pawan nishant
http://yameradarrlautega.blogspot.com
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