अगर कोई बात गले में अटक गई हो तो उगल दीजिये, मन हल्का हो जाएगा...
22.8.11
कुंवर प्रीतम का मुक्तक
उल्फत के वो नजराने,तुम्हारे पास ही अच्छे
तिजारत के सभी माने,तुम्हारे पास ही अच्छे
नयी खुशियां,नया जीवन,मुबारक हो नयी शोहरत
हमारे पास नहीं कुछ तो,हमारे ख्वाब ही अच्छे
कुंवर प्रीतम
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