भड़ास blog

अगर कोई बात गले में अटक गई हो तो उगल दीजिये, मन हल्का हो जाएगा...

15.12.11

ताउम्र कोसता रहेगा , हाथ लकीरों को :(

" अल्फ़ाज़ - ज़ो पिरोये मनसा ने ": ताउम्र कोसता रहेगा , हाथ लकीरों को :(
Manish Khedawat at 7:20 PM
Share

No comments:

Post a Comment

‹
›
Home
View web version
Powered by Blogger.