दिल्ली में मुन्ने भारती समेत कई पत्रकार हुए सम्मानित

नई दिल्ली : पत्रकारिता के साथ समाजसेवा कार्य में सक्रिय एम् अतहरउद्दीन मुन्ने भारती को उनकी पत्रकारिता और समाजसेवा को देखते हुए दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में प्रतिबिम्ब एजुकेशनल एंड वेलफेयर सोसायटी द्रारा "शहीद भगत सिंह अवार्ड 2017" सम्मान से सम्मानित किया। इस समारोह का मकसद देश भर के निडर पत्रकारों को सम्मानित करना था। इस प्रोग्राम में वेनेज़ुएला देश के राजदूत औगुस्टों मोंटीएल, सेशल देश की कल्चरल अट्टेच पॉलिन फेरारी, इनकम टैक्स कमिश्नर, दिल्ली प्रीता हरित, राज्यसभा सांसद अनिल साहनी, राज्यसभा सांसद राजीव शुक्ला, एशियाई खेलों के स्वर्ण विजेता पहलवान सतपाल सिंह भी मौजूद रहे।

जनमंच उत्तर प्रदेश के गठन का हुआ फैसला

योगी सरकार के कामकाज पर नजर रखने, सरकार द्वारा किए वायदों को पूरा कराने और सरकार के लोकतंत्र विरोधी कार्यों का प्रतिकार करने के लिए जनमंच उत्तर प्रदेश के गठन करने का फैसला लिया गया है। इसमें उन सभी लोगों को शामिल होने के लिए आह्वान किया गया है जो प्रदेश की बेहतरी, लोकतंत्र व नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए काम करते है या काम करना चाहते हैं। जनमंच के गठन की पहल करते हुए अखिलेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि जनमंच के गठन में किसानों व नौजवानों की बड़ी भूमिका होगी।

पत्रकारों के संरक्षण के लिए मीडिया काउंसिल की आवश्यकता

भोपाल। चेन्नई यूनियन आफ जर्नलिस्ट (सीयूजे) द्वारा आयोजित इंडियन फेडरेशन आफ वर्किंग जर्नलिस्ट (आईएफडब्लूजे) के 30 वां राष्ट्रीय सम्मेलन का समापन रविवार को महाबलिपुरम (चेन्नई) में हुआ। इस सम्मेलन में देश भर के 20 राज्यों से आए 350 से ज्यादा पत्रकार शामिल हुए। इससे पूर्व 25 मार्च से शुरू हुए इस दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ मलेशिया के डिप्टी शिक्षा मंत्री डी कमलनाथन ने चेन्नई के कलंयिवना आरंगम सभागार में किया। विशिष्ट अतिथि के रूप में तमिलनाडु के नामचीन शिक्षाविद एम नटराजन उपस्थित थे। इस अवसर पर आईएफडब्ल्यूजे की उत्तराखंड, आसाम, तमिलनाडु, उत्तरप्रदेश, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, मध्यप्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, छत्तीसगढ़, जम्मू कश्मीर, उडीसा, बिहार आदि लगभग 24 प्रांतों के प्रतिनिधि शामिल रहे। सम्मेलन के उदघाटन सत्र की अध्यक्षता आईएफडब्ल्यूजे के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीबी मलिकार्जुन ने की।

पत्रकारिता में सबसे बड़ा संकट विश्वसनीयता का : कृष्णमोहन झा

छिन्दवाडा : जिला प्रशासन के सहयोग से आज स्थानीय खजरी चौक स्थित फारेस्ट रेस्ट हाउस के पास संवाद भवन में जनसंपर्क विभाग का मीडिया संवाद कार्यक्रम संपन्न हुआ । इस कार्यक्रम में कलेक्टर जे.के.जैन , आईएफडब्ल्यूजे के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष देश के वरिष्ठ पत्रकार कृष्णमोहन झाऔर  कौशल चतुर्वेदी सहित उप संचालक जनसंपर्क  एम.एस.उईके और पत्रकारगण उपस्थित थे । इस कार्यक्रम में पत्रकारिता विधा की कौशल संबंधी बारीकियों पर चर्चा करने के साथ ही विकासपरक पत्रकारिता और नवीन तकनीक के संबंध में चर्चा की गई ।

RTI: 2454 IPS transfers in Akhilesh Govt

With a total strength of 407 Indian Police Service (IPS) officers in Uttar Pradesh, the Akhilesh Yadav Government made transfer orders of 2454 IPS officers during its regime during March 2012 to March 2017. This fact has been revealed by the information provided to RTI activist Dr Nutan Thakur by IG (Karmik) UP P C Meena.

जीवन के शाश्वत संकेत

आचार्य राधेश्याम द्विवेदी
ढलती दोपहर में यौवन और प्रौढ़ता:- यौवन ज्वलंत धमनियों का अविरत स्पंदन होता है, और प्रौढ़ावस्था उन स्पंदनों का नियमन कर शक्ति केंद्रित करने का प्रमुख संवाहक। यौवन यदि प्रकृति द्वारा मनुष्य को प्रदत्त श्रेष्ठ उपहार है तो प्रौढ़ता उसे सहेजकर, आत्म केन्द्रितकर सर्वश्रेष्ठ बनाने का संसाधन। यौवन यदि ऊर्जा का सर्वाधिक स्फूर्तिकाल है तो प्रौढ़ता अतिरिक्त ऊर्जा के क्षय को धैर्य से रोके रखने का आलस्य काल । इस ढलती दोपहर में यदि चिरकाल से बंद पड़े प्रेम झरोखों को स्नेहिल स्पर्शों से प्यार-अनुराग की शीतल बयार खोलकर जन जन को पुलकित करना चाहते हो तो उठकर विश्वास के साथ उन झरोखों को खोलने में सबको शामिल हो जाना चाहिए। एक समय एसा भी आता है, जब दायित्वों पर पूर्ण विराम तो लग जाता है, परंतु जीवन की जिजीविषा पर अल्प विराम ही दिखता है। तारुण्य सरक-सरक कर प्रौढ़ता की फिसलपट्टी पर आकर टिक जाता है। अब या तो यह फिसलकर वृद्धावस्था का आलिंगन कर लें या फिर ईश्वर द्वारा प्रदत्त उसी शुष्क प्रेमातुर बीज को अपनी अंतरात्मा में पनपने का अवसर प्रदान करने दें।

युवा वर्ग सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी जड़ों की ओर लौट रहा है


कल्चरल रिप्रजेंटेशन एंड पावर ऑफ़ मीडिया पर  एकदिवसीय राष्ट्रीय सगोष्ठी का आयोजन
नई दिल्ली : मीडिया द्वारा कला और संस्कृति पर और गहराई से मनन करने और उसे सही पैकेजिंग में पेश करने से कला-संस्कृति का प्रस्तुतिकरण भी मीडिया के लिए लाभदायक हो सकता है। डिस्कवरी जैसा एक पूरा चैनल यदि लोक संस्कृति पर ऐसे कार्यक्रम प्रस्तुत कर सकता है, जो दर्शकों को घंटों तक बांधे रहता है और वह लाभ कमा सकताहै, तो अखबारों, पत्रिकाओं तथा अन्य खबरिया चैनलों के लिए भी यह कठिन नहीं होना चाहिए। यह माना जाता है कि टीआरपी के लिए चैनलों का सनसनीखेज होना आवश्यक है, जबकिसच यह है कि आज युवा वर्ग सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी जड़ों की ओर लौट रहा है, अपनी संस्कृति से जुड़ रहा है।

22.3.17

भगत सिंह की भतीजी ने कहा- 'शहीदे आजम का सपना अब पूरा होता दिख रहा है'


मुंबई । अंतर्राष्ट्रीय पटल पर विकसित हो रही भारत की मजबूत छवि से शहीदे आजम भगत सिंह के परिवारजन खुश हैं। भगतसिंह की भतीजी श्रीमती विरेंदर सिंधु अरोड़ा ने कहा है कि शहीदे आजम के सपनों के भारत का निर्माण असल में अब होता दिख रहा है, यह उनके लिए खुशी की बात है। वे लंदन में जानी मानी लेखिका श्रीमती मंजू लोढ़ा की पुस्तक ‘परमवीर – द वार डायरी’ का अवलोकन करने के बाद अपने उदगार प्रकट कर रही थी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की जो मजबूत राष्ट्र की छवि बन रही है, वह गर्व करने योग्य है।

19.3.17

पत्रकार पुष्यमित्र ने योगी आदित्यनाथ की तुलना शहाबुद्दीन से कर दी


Pushya Mitra : दिलचस्प है कि कुछ महीने पहले कुछ लोग शहाबुद्दीन की तारीफ जिस अंदाज में करते थे, आज कुछ दूसरे लोग योगी आदित्यनाथ की तारीफ उसी अंदाज में कर रहे हैं। गुंडई से किसी को परहेज नहीं है, बस गुंडा अपना होना चाहिये।


बिहार में प्रभात खबर अखबार में वरिष्ठ पद पर कार्यरत पत्रकार पुष्य मित्र की एफबी वॉल से.