अमेठी से ‘पलायन’ राहुल के लिये ‘गले की फांस’!

अजय कुमार,लखनऊ
कांग्रेस में एक नये युग की शुरूआत हो गई है। राहुल गांधी कांग्रेस के 62 वें अध्यक्ष बन गये हैं। कांग्रेस में जश्न का माहौल है तो कई सवाल भी हैं कि नये अध्यक्ष के साथ कांग्रेस कितना बदलेगी ? राहुल ने अपने पहले सम्बोधन में कांग्रेस को ‘ग्रैंड ओल्ड और यंग पार्टी’ बनाने की बात कही तो बीजेपी और पीएम मोदी के प्रति उनकी तल्खी साफ नजर आई। राहुल की ताजपोशी की औपचारिकता पूरी होने के साथ ही यहां यह बात ध्यान करना भी काफी जरूरी है कि कई कांग्रेसी नेता सालों से राहुल गांधी की ताजपोशी के इंतजार में थे। पिछले दिनों जब राहुल गांधी को कांग्रेस अध्‍यक्ष चुना गया, तभी यह तय हो गया था कि अब कांग्रेस में ‘राहुल युग’ की शुरुआत होने जा रही है।

पदमावती याद है तो किरणदेवी क्यों नही

सालों से हम यह रोना रोते आए हैं कि भारतीय फिल्मकारों को हॉलीवुड का नशा चढ़ा है। करोड़ों-अरबों की फिल्म में भारत के इतिहास-नायकों और संस्कृति को जगह ही नही मिलती और अब जब हिन्दुस्तानी सिनेमा या कोई निर्माता-निर्देशक ऐसा साहस और सामथ्र्य जुटा रहा है तो हम गर्दभ-राग और भेंड़चाल अपनाए हुए हैं? भंसाली साहब ने रानी पदमावती का परिचय पूरी दुनिया से कराने जा रहे हैं, इसके लिए उनका मिलेनियम शुक्रिया। रानी पदमावती की तरह ही रानी भवानी और बाईसा किरणदेवी, तीनों ऐसी राजपूताना सिंहणियां थी जिन्होंने युदध लडक़र, जीतकर या जान गंवाकर अपने सतीत्व की रक्षा की थी जबकि उनके समक्ष सम्राट अकबर, नवाब सिराजुददौला और अलाउद्दीन खिलजी जैसे शासक थे.

Nalanda University bags the Exemplary Performance Award 2017 by GRIHA Council

Nalanda University bagged two Awards at the Valedictory function of the 9th GRIHA Summit 2017 today in New Delhi. It received the GRIHA Council Exemplary Performance Award -2017 for  Integrated Water Management category and the Third Runner Up Award for  Passive Architecture Design for achieving the sustainable goals and commitments towards green building development incorporated in its building plan of its upcoming sprawling 455 acre Net Zero University campus at Rajgir, Nalanda District in Bihar. The Vice Chancellor, Prof. Sunaina Singh received the Award along with the team in a glittering ceremony held at the India Habitat Centre in New Delhi. The Ministry of New and Renewable Energy (GOI) and The Energy and Resources Institute (TERI) supported the GRIHA Council to host the Awards Ceremony as a grand finale to the two day 9th GRIHA Summit 2017 today.

19.12.17

अटल के जन्म दिवस 25 दिसंबर पर विशेष : सहृदय कवि अटलजी

-डॊ. सौरभ मालवीय
पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी को एक राजनीतिज्ञ के रूप में जाना जाता है. राजनीतिज्ञ होने के अलावा वह साहित्यकार भी हैं. उन्हें साहित्य विरासत में मिला था. वह कहते हैं, ‘रामचरितमानस’ तो मेरी प्रेरणा का स्रोत रहा है. जीवन की समग्रता का जो वर्णन गोस्वामी तुलसीदास ने किया है, वैसा विश्व-साहित्य में नहीं हुआ है. बचपन से ही उन्होंने कविताएं लिखनी शुरू कर दी थीं. स्वदेश-प्रेम, जीवन-दर्शन, प्रकृति तथा मधुर भाव की कविताएं उन्हें बाल्यावस्था से ही आकर्षित करती रही हैं. उनकी कविताओं में प्रेम है, करुणा है, वेदना है. एक पत्रकार के रूप में वे बहत गंभीर दिखाई देते हैं. वे कहते हैं, मेरे भाषणों में मेरा लेखक ही बोलता है, पर ऐसा नहीं कि राजनेता मौन रहता है. मेरे लेखक और राजनेता का परस्पर समन्वय ही मेरे भाषणों में उतरता है. यह जरूर है कि राजनेता ने लेखक से बहुत कुछ पाया है. साहित्यकार को अपने प्रति सच्चा होना चाहिए. उसे समाज के लिए अपने दायित्व का सही अर्थों में निर्वाह करना चाहिए. उसके तर्क प्रामाणिक हो. उसकी दृष्टि रचनात्मक होनी चाहिए. वह समसामयिकता को साथ लेकर चले, पर आने वाले कल की चिंता जरूर करे. वे भारत को विश्वशक्ति के रूप में देखना चाहते हैं. वे कहते हैं, मैं चाहता हूं भारत एक महान राष्ट्र बने, शक्तिशाली बने, संसार के राष्ट्रों में प्रथम पंक्ति में आए.

यूपी में नौ महीने बाद भी सत्ता परिर्वतन की छाप नहीं

संजय सक्सेना, लखनऊ

उत्तर प्रदेश की सियासत क्या एक बार फिर करवट ले रही है। जो भाजपा अपनी प्रतिद्वंदी सपा-बसपा को खत्म मान कर चल रही थीं,वह ही  सपा-बसपा  योगी सरकार की खामियों और नीतियों का फायदा उठाकर एक बार फिर अपना ‘सिर’ उठाने लगी हैं। भले ही लोकसभा और विधान सभा चुनाव के बाद नगर निकाय और नगर पंचायत चुनावों को बीजेपी आलाकमान अपने पक्ष में बता रहा हो,लेकिन स्थितियां जैसी दिखाई दे रही हैं,वैसी है नहीं,जिस हिन्दुत्व की लहर के सहारे मोदी ने आम और विधान सभा चुनाव जीते थे, उसका रंग योगी सरकार के कुछ गलत फैसलों और ढीले-ढाले रवैये के कारण फीका पड़ता जा रहा है। आज की तारीख में न तो बीजेपी के पक्ष में मतदान करने वाले खुश हैं, न ही बीजेपी कार्यकर्ता संतुष्ट नजर आ रहे हैं।

9.12.17

इंसानों के बीच एक दिन


गलियों में घूमते हुए 
बरबस ही खींचती है गरम - गरम भात की महक,
दरवाजा खुला ही रहता है हमेशा 
यहाँ बंद नहीं होते कपाट 
चोर आकर क्या ले जायेंगे.
जिस घर  चाहूं घुस जाऊं 
तुरत परोसी जायेगी थाली 
माड़ - भात, प्याज, मिर्च के साथ 
हो सकता है रख दे हाँथ पर गुड़ कोइ 
और झट से भाग जाए झोपडी के उस पार.
यंहा भूखे को प्यार परोसा जाता है
भर- भर मुट्ठी उड़ेला जाता है आशीर्वाद.
फसल काटने के बाद 
नाचते है लोग 
घूमते हैं मेला 
प्रेमी युगल आज़ादी  से चुनते हैं अपना हमसफ़र 
दीवारें नहीं होती यंहा 
मज़हब और जाति की 
जब तक घर में धान है 
हर घर है अमीर 
धान ख़तम, अमीरी ख़तम 
फिर वही फ़ाकामस्ती
वही दर्द , वही दवा 
इनकी ज़िंदगी खदबदाती है खौलते पानी में,
पानी ठंढा हुआ जीवन आसान 
पानी के तापमान के साथ 
घटता- बढ़ता है सुख-दुःख 
पानी जैसे ही बहता है जीवन 
पानी जैसा मन 
जिस बर्तन डालो 
उस जैसा तन.



(Image credit google)