भड़ास blog
अगर कोई बात गले में अटक गई हो तो उगल दीजिये, मन हल्का हो जाएगा...
Showing posts with label
काश
.
Show all posts
Showing posts with label
काश
.
Show all posts
8.4.09
काश !
›
काश ! सभी भेड़ बकरियों की तरह ही निरीह होते । आपस में दौड़ नही होती । कोई किसी को नही मारता । कोई किसी को कुचलता नही । सोचो ! कितना अच्छा हो...
1 comment:
›
Home
View web version