भड़ास blog

अगर कोई बात गले में अटक गई हो तो उगल दीजिये, मन हल्का हो जाएगा...

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2.4.08

Gazal - बडे हम जैसे होते हैं..

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गज़ल बड़े हम जैसे होते हैं तो रिश्ता हर अखरता है । यहां बनकर भी अपना क्यूँ भला कोई बिछड़ता है । सिमट कर आ गये हैं सारे तारे मेरी झोली में, कहा ...
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