भड़ास blog

अगर कोई बात गले में अटक गई हो तो उगल दीजिये, मन हल्का हो जाएगा...

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14.1.12

दिल्ली....

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-  अतुल कुशवाह  मैनें जब भी देखा है   एक छोटे बच्चे के तबस्सुम की तरह पुरानी चीजों को विदा कर दिया तूने, तू पुरानी से नई हो गई दरख्तों के ज...
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