15.6.12

लंगड़ा सवार अंधी घोड़ी-ब्रज की दुनिया

लंगड़ा सवार अंधी घोड़ी,
सोनिया-मनमोहन की जोड़ी।

बतकही में बहादुर,
काम में फिसड्डी;
थेथरई में महारथी,
तोड़ी देश की हड्डी;
घोटालों से बना दिया भारत को अतुल्य,
पर निर्लज्जों ने कुर्सी न छोड़ी;
लंगड़ा सवार अंधी घोड़ी,
सोनिया-मनमोहन की जोड़ी।

झूठों का सरदार सरदार मनमोहन,
सोनिया तानाशाह;
सिर्फ कुर्सी की फिक्र है इनको,
चाहे देश हो जाए तबाह;
भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों को बचाने में दोनों ने,
कोई कसर नहीं छोड़ी;
लंगड़ा सवार अंधी घोड़ी,
सोनिया-मनमोहन की जोड़ी।

हे गोविन्द राखो शरण,
हम तो हिम्मत हारे;
तुम्हीं सत्ता से हटाओ
इन दोनों को;
लगाओ भारत की
डूबती नैया किनारे;
करबद्ध हो करें हम प्रार्थना,
सुन लो विनती मोरी,
सुन लो विनती मोरी।
प्रभुजी सुन लो विनती मोरी ।।
लंगड़ा सवार अंधी घोड़ी,
सोनिया-मनमोहन की जोड़ी।

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