भड़ास blog

अगर कोई बात गले में अटक गई हो तो उगल दीजिये, मन हल्का हो जाएगा...

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29.8.08

तेरी यादें.............

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उसको बस इतना बता देना, इतना आसान नहीं हैं तुम्हे भुला देना, तेरी यादें भी तेरे जैसी ही हैं, उन्हें आता है बस रुला देना। Unknown Source
1 comment:
26.8.08

मेरी पहली कविता...... अधूरा प्रयास

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एक अनोखा एहसास सा क्यों है....... आओगी तुम पास मेरे यह आस क्यों है..... न मिलोगी कभी भी तुम मुझे यह जानता हू .... लेकिन फिर भी यह तलाश क्यों...
7 comments:
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