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29.8.08

तेरी यादें.............


उसको बस इतना बता देना,

इतना आसान नहीं हैं तुम्हे भुला देना,

तेरी यादें भी तेरे जैसी ही हैं,

उन्हें आता है बस रुला देना।


Unknown Source

26.8.08

मेरी पहली कविता...... अधूरा प्रयास


एक अनोखा एहसास सा क्यों है.......
आओगी तुम पास मेरे यह आस क्यों है.....

न मिलोगी कभी भी तुम मुझे यह जानता हू ....
लेकिन फिर भी यह तलाश क्यों है.......

न जाने क्यों हर वक्त चाहता है आपका साथ यह मन.........
जानते ही यह मुमकिन नही, फिर भी क्यों बेकरार है यह मन........

चाहते है आपसे बस थोड़ा सा प्यार.....
उसके लिए भी यह लंबा इंतज़ार क्यों है......

छमा चाहता हू सभी से... कोई लेखक या कवि नही हू मै.. बस मन में जो भाव आए उन्हें शब्द दे दिए.. इसे कविता का अपमान न समझियेगा :-)