उसको बस इतना बता देना,
इतना आसान नहीं हैं तुम्हे भुला देना,
तेरी यादें भी तेरे जैसी ही हैं,
उन्हें आता है बस रुला देना।
Unknown Source
अगर कोई बात गले में अटक गई हो तो उगल दीजिये, मन हल्का हो जाएगा...
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Labels: रोहित त्रिपाठी
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