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30.4.21

ऐसे कैसे चले गए रोहित सरदाना!

देश के जाने माने युवा पत्रकार और न्यूज एंकर रोहित सरदाना हमारे बीच से अचानक उठकर चल दिए। कोरोना उनको लील गया। वे एक राष्ट्रवादी पत्रकार के रूप में जाने जाते थे। लोग स्तब्ध हैं कि ऐसे भला संसार छोड़कर कोई जाता है क्या।

-निरंजन परिहार

रोहित सरदाना चले गए। नहीं जाना चाहिए था। बहुत जल्दी चले गए। जाना एक दिन सबको है। आपको, हमको, हर एक को। फिर भी, रोहित के जाने पर दुख इसलिए है, क्योंकि न तो यह उनके जाने की उम्र थी और न ही जाने का वक्त। कोई नहीं जाता इस तरह। खासकर वो तो कभी नहीं जाता, जिसको दुनिया ने इतना प्यार किया हो। पर, रोहित सरदाना फिर भी चले गए। वे 22 सितंबर 1979 को हरियाणा के कुरुक्षेत्र में जन्मे और 30 अप्रेल 2021 को कोरोना के क्रूर काल में समा गए। सिर्फ 42 साल, संसार से जाने की उम्र नहीं होती। फिर भी चले गए। दरअसल, विधि जब हमारी जिंदगी की किताब लिखती है, तो मौत का पन्ना भी साथ ही लिखकर भेजती है। विधि ने उनकी जिंदगी की किताब कम पन्नों की लिखी थी। रोहित ने इस रहस्य को जान लिया था। इसीलिए, बहुत समझदारी से उन्होंने आपसे, हमसे और करोड़ॆं लोगों की जिंदगी के पन्नों के आकार के मुकाबले अपनी जिंदगी के आकार को बहुत ज्यादा बड़ा कर लिया, और बहुत कम वक्त में ही उन्होंने बहुत कुछ जी लिया। 

10.4.21

कोरोना काल या काल है कोरोना ...??

कोरोना काल या काल है कोरोना ...??

भाजपा का रेजिडेंशियल टाउनशिप का वादा पुलिस आवासों के नाम बदलने तक ही रह गया सीमित

Satya Prakash Bharti
satyabhrt7@gmail.com


-गोरखपुर सहित ज़ोन के 11 जिलों में पुलिस आवासों के नाम बदलकर कर दिए शहीद रौशन सिंह के नाम
 
-बीजेपी के घोषणा पत्र में था पुलिसकर्मियों और उनके परिवार वालों के लिए शहीद रौशन सिंह के नाम पर रेजिडेंशियल टाउनशिप बनाने का दावा

-प्रदेश के बड़े शहरों में पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के लिए स्कूल सहित हाईटेक टाउनशिप बनाने का था वादा

-चार साल बाद भी नहीं मिल सकी पुलिसकर्मियों को रेजिडेंशियल टाउनशिप

 
लखनऊ। प्रदेश में बीजेपी सरकार अपने 32 पन्नो के घोषणा पत्र और उनमें किये गए वादों को लेकर सत्ता में आई। मूलभूत आवश्यकताओं को भूलकर अन्य मार्ग पर चल पड़ी। बीजेपी ने 2017 में चुनाव से पूर्व पुलिसकर्मियों और उनके परिवार वालों के लिए स्कूल सहित रेजिडेंशियल टाउनशिप बनाने के वादे किए थे। लेकिन यह वादा भी नाम बदलने तक ही सीमित रह गया। बीते 22 फरवरी को गोरखपुर सहित ज़ोन के 11 जिलों में मौजूद पुलिस आवासों के नाम बदलकर शहीद रौशन सिंह के नाम पर करने का अहम फैसले तक ही सीमित रह गया। वहीं चार साल बाद भी उत्तर प्रदेश पुलिस को टाऊनशिप न मिल सकी। वहीं जिस शहीद के नाम पर यह टाउनशिप बननी थी उसके गांव की हालत भी खस्ताहाल है।

5.4.21

‘Hun To Bolish’ by Ronak Patel launches as fully-fledged Primetime show today on ABP Asmita

 


Ahmedabad, 5th April 2021: With an aim to deliver the promise of innovative and fresh content, ABP Asmita has launched a new show ‘Hun To Bolish’ € a prime-time show which started off as a popular segment on the news channel eight months ago. Taking the cue from the segment’s rising popularity, India’s fastest-growing Gujarati news channel, ABP Asmita has now formally launched it as a full-fledged programme, hosted by renowned journalist Mr. Ronak Patel, Editorial Head, ABP Asmita.

3.4.21

पत्रकार प्रमोद श्रीवास्तव के परिजनों की मदद के लिए योगी को पत्र लिखा

माननीय मुख्यमंत्री जी

वरिष्ठ पत्रकार श्री प्रमोद श्रीवास्तव के कोरोना से हुये असामयिक निधन से समूचा पत्रकार जगत दुःखी है।

मैं उत्तर प्रदेश सरकार से मांग करता हूं कि स्वर्गीय प्रमोद श्रीवास्तव के परिवार को कोरोना से हुए निधन से मुख्यमंत्री के विवेकाधीन कोष से 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता तथा उनकी पत्नी को सरकारी नौकरी दी जाए।

2.4.21

राज्यव्यवस्था के साथ-साथ जेल में बंद जनता के चरित्र का भी सटीक चित्रण है जेल डायरी ''कैदखाने का आईना''

अधिवक्ता श्याम कुमार सिन्हा-

कानूनी अर्थ में जेल को सुधारगृह कहा जाता है और बंदियों को सामाजिक रूप से विकारग्रस्त माना जाता है। राज्यव्यवस्था (सरकार) हमेशा यह दावा करती है कि जेल प्रवास बंदियों को आपराधिक गलती दोहराने से रोकती है, समाज से अलग-थलग करके बंदियों को पश्चाताप का अवसर दिया जाता है, आदि-आदि।

Truth of Total TV : शोषण चरम पर

Total tv में शोषण चरम पर है...बिना गलती के ही लोगों को निकला जा रहा है...अब तक 3 कैमरा मेन और एक ऐंकर को निकाला गया है...जिनका क़सूर सिर्फ़ इतना था की उन्होंने दो महीने से सैलरी नहीं आने का कारण पूछ लिया...यहाँ के इनपुट और आउटपुट head मोनी बाबा हैं...जो चापलूसी के अलावा कुछ कर नहीं सकते...सही मायने में ये वो दीमक है जो total tv को खा रहे हैं...जो टोटल tv TRP में कभी आगे था...जिसकी पहचान थी...जिसके employees बाराखंबा ऑफ़िस की सीड़ियों पर बैठकर script लिखा करते थे उनका जज़्बा ये दो मोनी दीमक खा गए...

नोएडा आबकारी विभाग उड़ा रहा है कानून की धज्जियां – लोहे के खोखों में चल रहे हैं दारु के अवैध ठेके


आजकल नोएडा में अनेक दारु के ठेके लोहे के खोखों में चल रहे हैं.

RTI एक्टिविस्ट दिवाकर सिंह ने अवैध ठेके के मालिकों और उत्तर प्रदेश आबकारी विभाग के संभावित गठजोड़ की जांच करके कई तथ्य पता लगाये हैं.

जो एक वक्त में योद्धा थे, वे आज बेचारे बन गए हैं

स्नेह मधुर-
 
अमृत प्रभात और Northern India Patrika ( NIP) का एक ज़माना था। लेकिन मालिकों की चालबाज़ियों और धोखाधड़ी का शिकार हो गए सैकड़ों कर्मचारी और पत्रकार। वेतन नहीं मिला, वेतन कम हो गया। कर्मचारियों के वेतन से भविष्य निधि यानी Provident Fund की कटौती तो कर ली जाती थी लेकिन कंपनी अपना अंशदान देने की जगह कर्मचारियों के वेतन से काटी गई रकम को भी PF ऑफिस में जमा नहीं करती थी।

13 वर्ष बाद मिला पेंशन तो गुंडा टैक्स वसूलने को पीछे लगी तिकड़ी

पुलिसिया सहयोग के लिए थाने का चक्कर लगा रहा 70 वर्षीय वृद्ध

बलिया: स्वाथ्य विभाग के वरिष्ठ सहायक पद से सेवानिवृति के करीब 13 वर्ष बाद पेंशन की मोटी रकम बैंक खाते में आई तो गुंडा टैक्स वसूलने के लिए क्षेत्रीय पत्रकार समेत तीन लोगों की तिकड़ी पीछे लग गई और अब जान से मारने की धमकी भी दे रहे है। बिल्थरा रोड बलिया में एक विवादित पत्रकार है।  एक हिस्ट्रीशटर के साथ मिलकर 74 वर्ष के सेवानिवृत्त वृद्ध से साढे तीन लाख की मांग रहे रंगदारी।

दैनिक भास्कर : HR की मनमानी और सैलरी कटौती से परेशान हो रहे कर्मचारी

bhaskarhindi.com ये डिजिटल वेबसाइट दैनिक भास्कर के जबलपुर - नागपुर समूह की है। समूह के मालिक मनमोहन अग्रवाल हैं, जो कि भोपाल शहर का एक प्रतिष्ठित नाम है। उनकी संस्था और उनके नाम को उन्हीं की संस्था में काम करने वाले कुछ लोग धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं। जी हां आपने ठीक पढ़ा। दरअसल मैनेजमेंट ने यहां पर एच आर और ऑफिस मैनेजमेंट की ज़िम्मेदारी जिस व्यक्ति को दी है, वह कर्मचारियों का लगातार शोषण करने में लगा हुआ है।

मप्र की शिवराज सरकार ने कोर्ट आर्डर के बाद मजीठिया वेतनमान की वसूली से किए हाथ खड़े

ग्वालियर। मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह चौहान भूमाफियों और अपराधियों पर कार्रवाई की भले ही डींगे हांकते हो लेकिन पत्रकारों और गैर पत्रकारों के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद लागू मजीटिया वेतनमान की वसूली करने में हाथ खड़े कर दिए हैं। ताजा मामला जागरण के नईदुनिया अखबार से जुड़ा है। मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद ग्वालियर श्रम न्यायालय क्रमांक 01 में कर्मचारियों के प्रकरण में सुनवाई हुई, जिसमें कोर्ट ने कर्मचारियों के पक्ष में अवार्ड पारित कर वेतन अंतर की राशि की वसूली के लिए प्रकरण राज्य शासन को भेज दिया।

खबर चलाने का भय दिखा तथाकथित पत्रकार चला रहे धनउगाही गिरोह

धनउगाही में सफल न होने पर चला रहे निराधार खबर

कुछ वर्ष पूर्व तक केवल पढ़े-लिखे और सुलझे लोग ही पत्रकारिता जगत में कदम रखते थे किसी भी खबर को चलाने के पहले उस खबर के तह तक जाकर उसकी सच्चाई को सामने रखते थे। आमजन के लिए पत्रकार शब्द सम्मानित हुआ करता था क्योंकि उनका उद्देश्य जरूरतमंदों की मदद करना होता था लेकिन अब कई तथाकथित पत्रकारों ने केवल माइक और आईडी लेकर केवल विज्ञापन के नाम पर धनउगाही करना अपना मुख्य पेशा बना लिया है।

फिर सवालों के दायरे में सहाराश्री के फैसले

इतिहास के बड़े मोड़ और बड़े परिवर्तनों की बात करें तो जंगल में घटित एक घटना शायद इतिहास की बड़ी घटनाओं में से एक है। कुछ साधुओं और कुछ राहगीरों की टोली को जंगल में डाकुओं ने लूटने के इरादे से घेर लिया। मौत सामने खड़ी थी। बेबस राहगीरों के पास अपनी जान बचाने के लिए अपना कीमती सामान नगदी आदि, डाकुओं को सौंपने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। तभी एक साधु महाराज ने हौंसला दिखाते हुए डाकुओं के सरदार से एक सवाल किया कि आप यह लूटपाट, खून खराबा आदि जैसा खराब काम क्यों करते हो। सरदार ने जवाब दिया कि अपने परिवार के लिए। साधू ने पूछा कि क्या जिस परिवार और जिन लोगों के लिए आप यह सब करते हो क्या वो लोग आपके पाप और उस पर मिलने वाली सजा में भी भागीदार हैं, जाओ उनसे पूछ कर आओ हम यहीं खड़े हैं। संक्षिप्त यह कि डाकुओं का सरदार घर गया तो उसने साधू का सवाल अपने परिवार से दोहराया। परिवार के लोगों ने कहा कि पाप आप करते हो हम उसके भागीदार क्यों बनेंगे। साधू महाराज के सवाल और परिवार के जवाब से डाकुओं के सरदार का हृदय परिवर्तन हो गया और इसी किदवंती के आधार पर कहा जाता है कि इसके घटना के बाद ही एक  महर्षि, वाल्मीक का नाम इतिहास में दर्ज हुआ और एक बड़ा धर्म ग्रंथ भी अस्तित्व मे आया। इस कहानी के विस्तार या इसके पर बहस के बजाए आज इसका चर्चा सिर्फ इसलिए कर रहा हूं कि वर्तमान में भारत के बड़े घोटालों के आरोप में चर्चा में चल रहे सहारा ग्रुप के चेयरमेन सुब्रत राय सहारा यानि सहाराश्री के साथ, क्या उनका कथित सहारा परिवार भी साथ था। जिस दौरान वो तिहाड़ मे बेहद कष्ट का समय गुजार रहे थे, तब उनके सबसे बड़े सपने और सबसे बड़े खर्च पर खड़ा किये गये मीडिया हाउस के परिवारजन उनके लिए क्या सोच रहे थे, या केवल अपने लिए ही नौकरियां या धंधा ढूंड रहे थे, या जिन निकम्मों और नाकाम लोगों कहीं और नौकरी नहीं मिली वो वफादारी के नाम पर उसी परिवार को लूटने लगे थे, जिसको पालने पोसने और खड़ा करने के लिए सहाराश्री जैसा रिवल्यूश्नरी और डॉयनमिक शख्स घोटालों का न सिर्फ आरोपी बना बल्कि कई साल तक जेल में कष्ट झेलता रहा।

देश में स्थापित विपक्ष में दम नहीं, नया जमीनी नेतृत्व ही दे सकता है टिकाऊ विकल्प

CHARAN SINGH RAJPUT-
    
देश में एक से बढक़र एक आपदा आई पर जिस तरह से विवश लोग आज की तारीख में आ रहे हैं शायद ही कभी कभी रहे होंगे। यह अपने आप में विडंबना है कि लोगों की आय कम हो रही है और खर्चे बढ़ रहे हैं। देश में प्रभावशाली तंत्रों को जनता को लूटने की पूरी छूट दे दी गई हैं पर यदि किसान आंदोलन को छोड़ दें तो कोई प्रभावशाली आंदोलन देश में नहीं हो पा रहा है। जो भी प्रयास हो रहे हैं वह व्यक्तिगत हो रहे हैं। राजनीतिक दल तो जैसे बिल्ली की भाग से छींका टूटने का इंतजार कर रहे हैं। मोदी सरकार अपने निर्णयों से देश का कबाड़ा करती जा ही है पर लोग हिन्दू-मुस्लिम, स्वर्ण, दलित और पिछड़ों में उलझे हुए हैं।

1.4.21

चचा-भतीजे का सैफई से शुरू हुआ मनमुटाव लखनऊ तक पहुंचा, सुलह की कोशिशों पर लगा ‘ग्रहण’


अजय कुमार, लखनऊ

लखनऊ। इस बार की होली ने समाजवादी कुनबे के ‘रिश्तों का रंग’ और भी फीका कर दिया। इस बार की होली में न तो मुलायम सिंह यादव होली मनाने सैफई पहुंचे, न ही शिवपाल यादव सैफई मंच पर नजर आए। मुलायम की ‘जगह’ प्रोफेसर और सांसद रामगोपाल यादव ने मंच की कमान संभाल रखी थी तो, जो किरदार मुलायम के रहते शिवपाल यादव निभाया करते थे, अबकी होली में वह किरदार अखिलेश यादव निभाते नजर आए। इस बार सैफई की होली में नया इतिहास लिखा गया जो पहले की अपेक्षा पूरी तरह से बदला-बदला था। शायद मुलायम सिंह सैफई मंच पर मौजूद होते तो वह ऐसा कभी नहीं होने देते जिससे रिश्तों की दीवारें और भी बड़ी हो जाती। चाचा शिवपाल यादव मौजूद तो सैफई में ही थे, लेकिन वह अपने पिता के नाम से बने एक स्कूल में अपने समर्थकों के साथ होली खेलते और फाग सुनते नजर आए, जबकि अखिलेश सैफई में अपने आवास पर होली खेलते रहे।

कृषक चेतना के अनूठे कवि : केदारनाथ अग्रवाल (जन्म : 1 अप्रैल1911)

 शैलेन्द्र चौहान

बकौल खुद - 'मेरा विश्वास है कि कथ्य और शिल्प अलग नहीं है। दोनों की सांघातिक इकाई है। उसे तोड़ा नहीं जा सकता। कालिदास और बाल्मकि को पढ़ते हुए भी मुझे यह बात महसूस हुई है। इन कवियों ने यह भी सिखाया कि छोटे छोटे बंधों में कितनी बंधी हुई, धारदार बातें कही जा सकती है। मैंने ऐसी कविताएं लिखने की सोची कि दुश्मन भी एक बार प्रशंसा करें। रामविलास मेरे मित्र रहे है, उनसे बातें होती थी । वे कविता पर बात करते हुए कटु आलोचक हो जाते थे। निराला मुझे बेहद प्रिय थे। वे न होते तो खड़ी बोली कविता क्या होती। मैंने मिल्टन और कीट्स की कविताएं भी पसंद की है। मेरी शिकायत आलोचकों से रही है । उन्होंने मेरी कविता को समझने की कोशिश नहीं की, प्रगतिशील आलोचकों ने भी। नामवर ने भी जाने किस किस को उठाया, हमारी ओर उनका ध्यान नहीं गया। किसी खेमे ने मुझे महत्व नहीं दिया। मैंने पार्टी की सदस्यता कभी ग्रहण नहीं की, अपनी मजबूरियों के कारण। मैंने सोचा कि नारे की कविताएं हमेशा नहीं लिखी जानी चाहिये। जब सामूहिक आन्दोलन जोरों पर हो, तब की बात छोड़कर। उस समय हमने भी लिखा और आगे लिखेंगे। अभी हमें हिन्दी साहित्य को प्रगतिशील कविताओं से भरना है और उसकी प्रतिष्ठा बढ़ानी है। हमें दुश्मन को बौद्धिक जवाब देना है। जवाब देने से पूर्व एक बात अच्छी तरह से समझ लेने की है कि संसार में यदि जिन्दा रहना, तो प्रतिबद्ध होना पड़ेगा। यथास्थिति में परिवर्तन ना आया तो अलंदे और मुक्तिबोध मरते ही रहेंगे । हम लेखकों को प्रतिबद्ध रचनाएं लिखनी चाहिये- खतरे के बावजूद। कबीर, रैदास छोटे तबके के लोग थे, चिंतक जागरूक। उन्होने भण्डाफोड़ किया व्यवस्था का । निराला ने यही किया। हमें कला का उपयोग व्यवस्था बदलने, लोगों की मानसिकता बदलने के लिए करना है। हमारे जवाब का यही रास्ता है। मैं सोचता हूं कि जब तक जिन्दा रहूं जब तक मौत न आए, जब तक जिऊं, उसका उपयोग करूं। मैं अपना विकास पाने के लिए बैचेन हूं। मुझे जीने का अर्थ, वेद में, उपनिषद में, कहीं नहीं मिला, मिला तो प्रतिबद्धता में । इससे घबराने की जरूरत नहीं। पैब्लो नैरूदा, मॉयकोब्सकी, नाजिम हिकमत की तरह जीने की जरूरत है । यही जिन्दगी का राज है और इसी से कविता बनती है।'

31.3.21

सहारा में अन्याय के खिलाफ ऐसा बिगुल बजा कि आंदोलन ने क्रांति कर रूप ले लिया!

CHARAN SINGH RAJPUT-
    
 
यूं ही नहीं हुई सहारा में क्रांति! वैसे तो निजी कंपनियों में गुलामी पूरी तरह से घर कर गई है पर सहारा ग्रुप में तो गुलामी का आलम यह रहा है कि सहाराकर्मी अभिवादन के नाम पर नमस्ते, प्रणाम या गुड़ मॉर्निंग नहीं बोलते बल्कि पहले गुड सहारा और अब सहारा प्रणाम बोलते रहे हैं। चैयरमैन सुब्रत राय को सहाराश्री बोला जाता है। हालांकि अब सहारा में मनमानी, तानाशाही और अन्याय के खिलाफ लगातार आवाज उठ रही है। इसका बड़ा कारण 2016 में सहारा में बगावत है।  सहारा में उठी बगावत की चिंगारी अब पूरे देश में आग का रूप ले चुकी है। यह वही संस्था है जिसमें डंडे के जोर पर कर्मचारियों से जहां चाहे हस्ताक्षर करा लिए जाते रहे हैं। चाटुकारिता की सभी हदें पार की जाती रही हैं। हक की आवाज को दमन के बल पर दबा दिया जाता रहा है। चेयरमैन (सुब्रत राय) को भगवान की तरह पूजा जाता रहा है। राजनेताओं, नौकरशाह, बाहुबलियों, बालीवुड और खेल हस्तियों तक पकड़ दिखाकर कर्मचारियों और निवेशकों को डराया जाता रहा है। मालिकानों और अधिकारियों ने तो जमकर अय्याशी की पर कर्मचारियों का बस शोषण और दमन ही किया गया। इस संस्था में अन्याय के खिलाफ ऐसा बिगुल बजा कि आंदोलन ने क्रांति कर रूप ले लिया। जिस मीडिया के बल पर गलत को सही कराते थे उसी मीडिया हाउस में टैंट गाड़ दिया गया। तिहाड़ जेल में बंद चेयरमैन को जाकर खरी-खोटी सुनाई गई। ललकार दिया गया। सहारा के दमन, काले कारनामों और अन्याय के खिलाफ छिड़े इस आंदोलन को सही शब्दों में उतार दिया जाए तो बालीवुड के लिए एक बढ़िया क्रांतिकारी फिल्म बन जाए।

पंचायत चुनाव और राजनीति का अधोगामी नीति शास्त्र


Krishan pal Singh-
    


उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों का बिगुल गत 26 मार्च को इसकी अधिसूचना जारी होने के साथ ही बज गया है। इसके कारण होली के त्यौहार पर चुनावी माहौल भारी नजर आया। मतदाताओं को रिझाने के नये-नये अंदाज गढ़ने में संभावित उम्मीदवार बहुरूपियों को भी मात करते दिख रहे हैं जिससे होली में रंगों के साथ-साथ तौर तरीकों की नूतनता और विविधता के बीच अनोखे आयाम नजर आ रहे हैं।

अलविदा प्रमोद, पहले प्रमाद फिर ऐसा विषाद, उम्मीद न थी

Rizwan Chanchal-
 
पत्रकार साथी प्रमोद कुमार श्रीवास्तव को भी कोरोना ने आखिरकार डस ही लिया अभी ही वे राज्य मुख्यालय संवाददाता समिति कार्यकारिणी का  चुनाव भी जीते थे, कोरोना के संक्रमण का शिकार होकर उनका अचानक यूँ हम सबका साथ छोड़ जाना जहां उनके आश्रितों,परिजनों को असहनीय दर्द दे गया वहीं हम जैसे न जाने कितने पत्रकार साथियों को बेहद ग़मगीन कर गया,आंखों के सामने उनका वो चेहरा अभी भी घूम रहा हैं,जो चंद दिन पहले ही राज्य मुख्यालय संवाददाता समिति का कार्यकारिणी सदस्य चुने जाने के बाद साथी पत्रकारों के बीच फूलमालाओं का वरण कर मुस्कुरा रहा था,उनके स्नेह के एवज में पत्रकार साथियों का स्नेह ही तो था जो उन्हें उनकी जीत के रूप में मिला था जिसकी खुशी से वो मुस्कराते हुए सभी का आभार व्यक्त कर रहे थे किंतु किसी को क्या पता था कि ये मुस्कुराहट हम सभी के दिलों को झकझोर देगी,आंखों को जलन दे देगी सभी को हतप्रभ करते हुए अलविदा कह देगी।


सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को मारीचों ने कैसे चुरा लिया...

Krishan pal Singh-

चार्वाकवादी पैटर्न पर चल रही सरकार की नीतियों का अजीबो गरीब लब्बोलुआब

ऋषियों की लीक से हटकर भी एक परंपरा रही है। इस परंपरा के प्रतिनिधि ऋषियों की समूह वाचक संज्ञा लोकायत कही गई है। इस परंपरा के एक प्रख्यात ऋषि हुए हैं- चार्वाक। उनका चर्चित सूत्रवाक्य रहा है जब तक जिओ सुख से जिओ और उधार लेकर घी पिओ। मुख्य धारा के ऋषि ब्रह्म को सत्य और संपूर्ण जगत को मिथ्या बताते रहे हैं। जबकि लोकायत परंपरा के व्यवहारिक ऋषियों की दृष्टि में सब कुछ जगत ही है। आत्मा, परमात्मा, परलोक इत्यादि धारणाओं को वे प्रवंचना मानते हैं। उनके विचार में जगत ही सत्य है जिसे सुखमय बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जानी चाहिए।

1232 KMs : लॉकडाउन में असली भारत की यह कहानी

himanshu joshi-
 
स्वतंत्र भारत में सरकार की सबसे बड़ी भूल पर प्रकाश डालता एक वृतचित्र। विनोद कापड़ी ने इस वृतचित्र में अपने पत्रकारिता और फिल्मी करियर का पूरा अनुभव झोंक दिया है।

राजनीतिक भ्रष्टाचार और पुलिस का दुरुपयोग


 - शैलेन्द्र चौहान
 

मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने शनिवार 20 तारीख को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के नाम लिखे अपने एक पत्र में दावा किया कि महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख चाहते हैं कि पुलिस अधिकारी हर महीने बार और होटलों से कम से कम 100 करोड़ रुपए की वसूली करें। उन्होंने यह भी कहा कि वाझे को देशमुख का संरक्षण मिला हुआ था। भारत में सत्ताधीशों और सरकारी तंत्र द्वारा इस तरह की उगाही कोई अपवाद नहीं है बल्कि आम है। भारतीय राजनीति में धन उगाही एक प्रचलित प्रवृत्ति है और पुलिस इसका सुगम माध्यम है| बाकी आर टी ओ, इनकम टैक्स, सेल टैक्स, रेवेन्यू आदि सैकड़ों चैनल हैं जिनके माध्यम से धन उगाही होती है| यह कोई नई या अनोखी बात नहीं है। यह हर राज्य की परंपरा है। कोई इससे बचा नहीं है। हर राज्य की परंपरा है| कोई इससे बचा नहीं है।

25.3.21

बुरा न मानो होली है

shailendra chauhan-
    
मौसम बहुत सुहाना है
 

-शैलेन्द्र चौहान

तो आ जाओ
कि भेड़ॊं के बाल मूंड़ कर
ऊन बनाना है
धुली हुई कमीज को लेवोजिन से
चमकाना है
शीशे की ऊंची ऊंची इमारतों में
कम्‍प्‍यूटरों से ढंक जाना है
स्‍टॉक एक्सचेंज में छलांग लगाना है
राजनीति को अंबानी-अडानी के चरणों में
ले जाना है
सोशल मीडिया पर सबको
बहलाना है
लोग अपने मसले खुद ही निपट लेंगे, हमें तो
विधर्मियों को उनकी औकात बताना है
राग भैरवी सुनाना है
ताली और थाली बजाना है
कोरोना को हराना है
पूरी दुनिया में धाक जमाना है
ये हुक्‍काम बहुत सयाना है
यूं कद दरमियाना है
पांव तले सिरहाना है
नीति अनीति का भेद मिटाना है
सबको देशभक्ति का पाठ पढ़ाना है
किसी को नक्सली किसी को आतंकी बताना है
किसानों को बॉर्डर से हटाना है
आम्रपाली के मकानों का
धोनी की नाव में ठिकाना है
हर चीज की एक कीमत होती है
यह मंत्र सदियों पुराना है
आवश्‍यक परंपराएं निभाना है
मौका भी है दस्तूर भी है
लूटकर भरना खजाना है
अर्थव्यवस्था को तेजी से आगे बढ़ाना है
..तो आ जाओ...
ये वक्‍त की पुकार है
कम्‍पटीशन का जमाना है
घुड़दौड़ में अव्‍वल आना है
धन कमाना है
केेेैरियर बनाना है
रिश्‍ते नाते सब भूल जाना है
नाचना है, गाना है, रंग लगाना है
होली मनाना है
अहा..मौसम बहुत सुहाना है।

संपर्क: 34/242, सेक्‍टर-3, प्रतापनगर, जयपुर-302033
मो.7838897877


दैनिक जग मार्ग को खूब मिला है विज्ञापन, हर प्रति पर 491 रुपये!

हरियाणा में एक मीडिया हाउस ऐसा भी है जिसको करोडों रुपए का विज्ञापन दिया गया है. इस मीडिया संस्थान (जो मीडिया से सम्बंधित है भी नहीं बल्कि स्वयं की विचारधारा का एक पम्पलेट मात्र है) की DPR में स्वयं द्वारा दी गई प्रसार संख्या (जो अमूनन फेक होती है) को भी सच मान लिया जाए तो हर प्रति पर 491 रुपए का विज्ञापन दिया गया है.

अरबपति खानदान की बहू ने कहा-जेठ सम्पत्ति हड़पने के लिए करवाना चाहते हैं मेरी हत्या

 


कानपुर में देश के मशहूर औद्योगिक घराने की बहू अम्बिका सिंघानिया ने अपने ही जेठ शरदपत सिंघानिया और बेटे अद्वेतपत पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अम्बिका की शादी अरुण सिंघानिया से हुआ थी। अरुण की 2010 में मौत हो गई थी। अम्बिका का आरोप है कि उनके जेठ शरद उनके पति की मौत के बाद से ही पुश्तैनी संम्पत्ति हड़पने के लिए उनकी हत्या की साज़िश रच रहे है। अब उस साजिश में उन्होंने मेरे बड़े बेटे को भी बरगलाकर नशे का आदी बनाकर शामिल कर लिया है। अम्बिका ने कानपुर के एसएसपी डॉ प्रीतिंदर सिंह से शिकायत करके न्याय की गुहार लगाई है।

गोइन्का पुरस्कारों की घोषणा

कमला गोइन्का फाउण्डेशन के प्रबंध न्यासी श्री श्यामसुन्दर गोइन्का ने एक प्रेस विज्ञप्ति द्वारा बताया है कि संपूर्ण भारत के हिन्दी व राजस्थानी साहित्यकारों को वर्ष 2020-2021 के तहत मिलने वाले पुरस्कारों की घोषणा कर दी गई है। ये पुरस्कार हिन्दी व राजस्थानी भाषा में लिखित व प्रकाशित पुस्तकों तथा साहित्यकारों के साहित्य के प्रति किए गए समग्र-योगदान के आधार पर दिए जाते हैं। सभी घोषित पुरस्कार व पुरस्कार प्राप्ता की सूची इस प्रकार है:

ABP Majha conducts ‘Majha Maharashtra, Digital Maharashtra 2021’ to expand digital literacy in India

Mumbai, 25th March 2021: As digital takes center-stage in the continuously evolving marketplace of today, ABP Majha organized a special event, ‘Majha Maharashtra, Digital Maharashtra 2021’ – to educate the people and bridge the gap between technology and ‘the common man.’ Since digital technologies played an extremely crucial role during the COVID-19 pandemic, the theme of the event was ‘Digital Transformation and Ecosystem in the Post-COVID world’.

23.3.21

त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों ने मुझे मौका दिया तो पत्रकारों को उनका वाजिब हक दिलाएंगे: सुधांशु रंजन


एकमा में पत्रकार होली मिलन सह कोरोना योद्धा सम्मान समारोह का हुआ आयोजन


छपरा (रुचि सिंह सेंगर)। आजादी की लड़ाई से लेकर अबतक पत्रकारों को सिर्फ छला गया है तथा यदि पंचायत प्रतिनिधियों ने मुझे एक मौका दिया तो पत्रकारों व त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों को उनका वाजिब हक दिलाने के लिए सदन से लेकर सड़क तक संघर्ष किया जाएगा।

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22.3.21

अब फटी जींस पर गिद्ध निगाहें

Etisha Arun-

अभी कुछ ही दिन तो हुए अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का जश्न मनाये हुए, आधी आबादी की "महिमा" का बखान किए हुए। लगभग एक सदी (1908) से अधिक हो गया काम के घंटे, जीने लायक मजूरी और अन्य सुविधाओं के लिए शिकागो की सड़कों पर उतरी थीं महिलाएं अपनी बेहतरी के लिए। उन्हीं की याद में दशकों से हम अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाते हैं चलिए इसी परिप्रेक्ष्य में हम महिलाओं की स्थिति का आकलन करते हैं। यानि 113 साल पहले महिलाओं ने बेहतर जीवन ( वेतन और अन्य मुद्दे फिर कभी) को लेकर सड़कों पर उतरीं थीं वह दूर हुई। यानि पहले भी महिलाएँ जिन समस्याओं से जूझ रही थीं कमोबेश आज भी जूझ रही हैं। पहले भी समाज में सम्मान बराबर का नहीं था आज भी है।

महोबा में पत्रकारों का विवाद

नवजीत सिंह-

महोबा जिला अस्पताल में दो पत्रकारों के विवाद की सूचना पर मामला शांत कराने पहुंचे संयुक्त मीडिया क्लब के बुंदेलखंड प्रभारी पर ही कथित पत्रकार इस्राइल कुरैशी हमलावर हो गया। मौके पर कई पत्रकारों ने एक दूसरे को शांत कराया जिसके बाद मामला कोतवाली पहुंच गया।

'Uddhav Thackeray Should Ask Anil Deshmukh To Resign', Says Shivraj Singh Chouhan

Noida : As Madhya Pradesh Chief Minister Shivraj Singh Chouhan completed one year in the state, ABP News reached out to the veterans of both ruling and the opposition parties to understand the current political situation and the leaders’ viewpoints on the performance of the Madhya Pradesh government. These perspectives were shared on a special edition of ABP News’ flagship conclave, ‘Shikhar Sammelan’.

डॉ उषा प्रियंवदा को शिखर सम्मान और लेखिका अलका सिन्हा को वातायन साहित्य सम्मान से पुरस्कृत किया गया

लंदन : केंद्रीय हिंदी संस्थान के तत्वावधान में आयोजित वातायन का अंतरराष्ट्रीय वार्षिक सम्मान समारोह उत्कृष्ट रूप से संपन्न हुआ, जिसमें प्रख्यात साहित्यकार डॉ उषा प्रियंवदा को शिखर सम्मान (लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड, 51000 रूपये) और प्रसिद्ध उद्घोषक और लेखिका अलका सिन्हा को वातायन साहित्य सम्मान (31000 रुपए) से पुरस्कृत किया गया।

प्रोफेसर सह पत्रकार अरविंद नाथ तिवारी ' साहित्य ज्ञानाक्षर' सम्मान से हुए सम्मानित

बगहा। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद स्थित वीर भाषा हिन्दी साहित्य पीठ ने प्रोफेसर सह हिन्दुस्थान समाचार के जिला संवाददाता पत्रकार अरविन्द नाथ तिवारी को 'साहित्य ज्ञानाक्षर सम्मान ' से राष्ट्रीय स्तर पर कल रविवार को सम्मानित किया गया है। 


सुनील सौरभ को गणेश शंकर विद्यार्थी स्मृति सम्मान

 -मुकेश, गया (बिहार)

गया। पत्रकारिता में उच्च मानक स्थापित करने व गम्भीर लेखन हेतु वरिष्ठ पत्रकार सुनील सौरभ को 'गणेश शंकर विद्यार्थी स्मृति सम्मान' से सम्मानित किया गया है। उत्तर प्रदेश के बदायूं में आयोजित अंतरराष्ट्रीय हिंदी साहित्यकार सम्मान समारोह में  सुनील सौरभ को यह सम्मान दिया गया है।

20.3.21

"सावधान इंडिया 'के दिवंगत कर्मचारी के परिजन को एफडब्लूआईसीई की पहल पर मिला २० लाख रूपए,

फिल्मों की तमाम यूनियनों ने भी की मदद

मुंबई : १३ फरवरी को शूटिंग से घर जाते हुए सड़क दुर्घटना में सावधान इंडिया टीवी शो के सहायक कला निर्देशक प्रमोद कालेकर की मृत्यु हो गई थी। उनके साथ एक और व्यक्ति भी था जिसे गंभीर चोटें आईं। बताया गया कि प्रमोद लगातार सेट पर २३ घंटे से ज्यादा समय से काम कर रहे थे और ज्यादा देर तक लगातार काम करने की वजह से उनका संतुलन ठीक नहीं रहा था। दुर्घटना  में एक दूसरा व्यक्ति जो यूनिट का एक अन्य सदस्य था, वह पीछे की सीट पर बैठा था और घायल हो गया था जिसका उपचार चल रहा है। शिफ्ट से  ज्यादा शूटिंग करने के खिलाफ छिड़ी फेडरेशन आॅफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉयज (एफडब्लूआइसीई) की जंग ने जिस दुर्घटना के बाद तेजी पकड़ी है, उस दुर्घटना में दिवंगत हुए सिने कर्मचारी के परिवार को भी फेडरेशन की मदद से २० लाख रुपये की मदद मिल गई है।

आम जनता से पाँच-दस किलोमीटर के लिए भी टोल वसूलने का बहाना है टोल प्लाज़ा हटाने का वादा

धर्मवीर-

देश के ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर नितिन गड़करी के द्वारा कल लोकसभा में दिए गए बयान के अनुसार आने वाले एक वर्ष में देश से सभी टोल प्लाज़ा हटा दिए जाएँगे । टोल का कलेक्शन सीधे GPS +फ़ास्टटैग + बैंक अकाउंट की सहायता से किया जाएगा । मंत्री जी के अनुसार इस नये क्रांतिकारी बदलाव के कारण टोल टैक्स पर लगने वाले समय और तेल की बचत होगी।

19.3.21

मोदी को भगवान मानने की तीरथ रावत जैसी मूढ़ता, चालबाजी और चमचई करोड़ों लोगों को नापसंद

अयोध्या प्रसाद ‘भारती’-

तीरथ सिंह रावत के उत्तराखण्ड के नये मुख्यमंत्री बनने पर शायद ज्ञानचक्षु खुल गये, उन्हें नरेंद्र मोदी में भगवत्ता नजर आ गई। उन्होंने मोदी की तुलना अयोध्या के राजा दशरथ के बेटे राम से कर दी। उनका कहना है कि जैसे जनसेवा के लिए राम को भगवान माना गया और उनकी पूजा की जाती है वैसे ही भविष्य में मोदी की भी की जाएगी। रावत के इस बयान की राज्य और देश के अलावा दुनिया भर में आलोचना हो रही है और इसे चमचागीरी का बेहतरीन उदाहरण माना जा रहा है। रावत का यह बयान इस बात का संकेत भी है कि राज्य के निर्वाचित विधायकों को दरकिनार कर उन्हें मुख्यमंत्रित्व उनकी पायंलागूं योग्यता के चलते ही मिला होगा। पहाड़ों से लेकर मैदानों तक नेताओं की हीनता, शब्दों और भावों की सामान्य समझ रखने वाले लोग रावत की खूब मजम्मत कर रहे हैं।

पुरस्‍कार रचनाकर्म पर या व्यक्तिगत संबधों पर?

shailendra chauhan-

सामान्यतः हमारे समय के वे रचनाकार जिन्हें बहुत इनाम-इकराम मिल जाते हैं, बहुत नाम हो जाता है उनकी रचनाएं पढ़ने पर यह लगता है कि अब वे सिर्फ लिखने के लिए लिख रहे हैं| उनकी रचनाओं मे तमाम तरह की कलाबाजी, अतिशय संशय (कि रचना बहुत अलग और विशिष्ट बन पाई या नहीं), बासीपन और अंततोगत्वा उबाऊपन का आभास होने लगता है| उनके प्रति लोगों का भक्तिभाव बढ़ जाता है|

4 Years of Yogi govt: ABP Network-CVoter Survey unravels the achievements and challenges

 

Noida, 18th March 2021: With an aim to capture the common man’s outlook on the Yogi Adityanath-led-Uttar Pradesh government, ABP Network-C Voter revealed the findings of a comprehensive ‘UP ka Mood’ Survey. Conducted alongside research partner CVoter (Centre for Voting Opinion & Trends in Election Research), the ABP Network-C Voter ‘UP ka Mood’ Survey has provided a clearer picture of the citizens’ standpoint on various pertinent issues & concerns associated with the current government, as it completes 4 years in power. 

16.3.21

‘लखनऊ का अभिमान’ हिन्दी समाचार पत्र समूह ने पत्रकारों और समाजसेवियों को किया सम्मानित

पहली बार एक मंच पर पत्रकार , समाजसेवी , अधिवक्ता एवं आर टी आई कार्यकर्त्ता के 124 लोगो को लखनऊ का अभिमान सम्मान 2021 से  किया गया सम्मानित

लखनऊ l ‘लखनऊ का अभिमान’ हिन्दी समाचार पत्र समूह  ने आज 13 मार्च  2021, दिन शनिवार को राजधानी लखनऊ की स्टेशन रोड,हुसैनगंज स्थित सिटी मोन्टेसरी स्कूल के सभागार में स्थापना दिवस एवं सम्मान समारोह 2021 का आयोजन किया गया  जिसमें पत्रकारिता और समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान करने वाले पत्रकारों और समाजसेवियों को सम्मानित किया गया l “हर खबर पर नज़र; नगर-नगर, डगर-डगर” की टैगलाइन के साथ समाचार जगत में अपनी एक विशिष्ट पहचान रखने वाले ‘लखनऊ का अभिमान’ हिन्दी समाचार पत्र समूह  के स्वामी और मान्यता प्राप्त सम्पादक मो. सफीर सिद्दीकी ने बताया कि उनका समाचार पत्र समूह  अभिव्यक्ति के महाधनी,सामाजिक चिंतन और जनसेवा के प्रति समर्पित पत्रकारों और समाजसेवियों को पत्रकारिता और समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए स्थापना दिवस कार्यक्रम में सम्मानित किया l

अखबारों ने जिसका महिमामंडन किया वह जनता का लाखों रुपये ले उड़ा

 
गोरखपुर: जिस तरह बिना सोचे समझे जांचे परखे बगैर किसी साक्ष्य के किसी के विरुद्ध खबरें दिखाने और छापने से कई बार बेकसूरों को सामाजिक दंश झेलना पड़ता है ठीक उसी तरह बिना सोचे समझे अपने निजी स्वार्थ के लिए ठगों तथा कपटियों की बड़ी-बड़ी फोटो युक्त खबरें छाप कर उनका महिमामंडन करने और उन्हें प्रचारित करने का खामियाजा भी बेकसूर लोगों को ही भुगतना पड़ता है । वर्तमान वाक्या गोरखपुर जनपद का है।

असम में पत्रकारिता के 175 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आईआईएमसी में सेमिनार का आयोजन

नई दिल्ली । ''जब भारत आजादी के 75वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है, तब असम की पत्रकारिता 175 वर्ष पूर्ण कर चुकी है। आज से 25 वर्ष बाद जब भारत आजादी की 100वीं सालगिरह मना रहा होगा, तब असम की पत्रकारिता 200 वर्ष पूर्ण कर रही होगी। मेरा मानना है कि उस वक्त के न्यू इंडिया में न्यू असम की पत्रकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।'' यह विचार केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सोमवार को भारतीय जन संचार संस्थान (आईआईएमसी) द्वारा ‘असम में पत्रकारिता के 175 वर्ष’ पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित सेमिनार में व्यक्त किए। कार्यक्रम में आईआईएमसी के महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी, असम राज्य सूचना आयोग के सूचना आयुक्त समुद्रगुप्त कश्यप, ‘द असम ट्रिब्यून’ के कार्यकारी संपादक प्रशांत ज्योति बरुआ और ‘दैनिक पूर्वांचल प्रहरी’ के कार्यकारी संपादक वशिष्ठ नारायण पांडेय ने अपने विचार रखे।

जनता टीवी UP/UK को मीडियाकर्मियों की आवश्यकता

 आवश्यकता... जनता टीवी UP/UK के लिए

👉🏻 एंकर/प्रोड्यूसर

👉🏻 रनडाउन प्रोड्यूसर

👉🏻असिस्टेंट प्रोड्यूसर

👉🏻प्रोड्यूसर

👉🏻इनपुट

15.3.21

धर्मांधता और जातिवाद दोनों ही मानवता के दुश्मन हैं


DharamVeer-


जो वर्ग देश के दलित हिंदू राष्ट्रपति को भी जाति के कारण मंदिर में प्रवेश नहीं करने देता वह मंदिर परिसर में हिंसा को भी जायज़ ठहरा देगा । जो लोग मंदिर के अंदर दलित हिंदुओं तक को प्रवेश नहीं करने देते वही एक मुस्लिम को मंदिर में बर्दाश्त कैसे कर पाएँगे ..? धर्मांधता और जातिवाद एक संक्रामक रोग है । प्राथमिकता के आधार पर इसको रोकने की बजाय ज़्यादातर लोग इस आग को भड़काने में लगे हैं । जिन लोगों ने पहले जातिवाद के आधार पर ख़ुद को एलीट क्लास में रखा आज वही लोग धर्म आधारित व्यवस्था के सिरमौर बने रहना चाहते हैं और यह पूरा हिंसक माहौल हिंदू धर्म या हिंदुओं  के कारण नहीं बल्कि उस एलीट क्लास के द्वारा सत्ता और समाज़  पर क़ब्ज़े की लड़ाई के कारण है ।

सामाजिक परिवर्तन के पुरोधा कांशीराम जी को याद करते हुए..

जयराम शुक्ल
 
यह सही है कि देश में जाति के आधार पर शोषण और अत्याचार हुए हैं। इस सिलसिले ने ही अँबेडकर साहब की प्राणप्रतिष्ठा की और राजनीति में कांशीराम जैसे महानायक को गढ़ा। आज कांशीराम का जन्मदिन है।

जॉब अलर्ट : पल पल न्यूज़ को देशभर में संवाददाता और ब्यूरो चीफ चाहिए

 

नई दिल्ली । देश मे प्रतिष्ठित यूट्यूब न्यूज़ चैनल और न्यूज़ पोर्टल पल पल न्यूज़ www.palpalnews.in को देश के प्रत्येक राज्य और जिले में संवाददाता और ब्यूरो चीफ की आवश्यकता है ।

नेताजी बोस की 125वीं जयंती पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को खुला पत्र

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को खुला पत्र

प्रतिष्ठा में:

श्री नरेंद्र मोदी जी,

प्रधानमन्त्री

भारत सरकार, नई दिल्ली

विषय: भारत सरकार द्वारा नेता जी सुभाष चन्द्र बोस का 125 वां जन्मदिन मनाने का निर्णय ...... उनके सन 1977 तक जीवित रहने और समय समय पर व्यक्त किये गये विचार, उदगार और अहम जानकारियां

हिंदुस्तान गोरखपुर का पिछलग्गू बन गया दैनिक जागरण

सादर नमस्कार

मैं दैनिक जागरण गोरखपुर की पिटी हुई पत्रकारिता की ओर आपका ध्यान आकृष्ट कराना चाहता हूँ। जागरण के प्रखर रिपोर्टरों की मेहनत की एक बानगी आपको भेज रहा हूँ। असल में दैनिक जागरण पिछले कुछ महीने से हिंदुस्तान गोरखपुर का अभिन्न पिछलग्गू बना हुआ है। इसमें कोई शक नही कि हिंदुस्तान अखबार की टीम कंटेंट बेस्ड शानदार रिपोर्टिंग कर रही है। शायद ही कोई दिन ऐसा रहता होगा कि जब हिंदुस्तान अखबार रूटीन रिपोर्टिंग या एक्सक्लुसिव प्रजेंटेशन में जागरण की बैंड न बजाता हो। रोज रोज पिटने के बाद भी जागरण के कारकूनों के कान पर जूं तक नहीं रेंगती।

धनिष्ठा मरने के बाद पांच लोगों को अपने अंग देकर नया जीवन दे गई

Ajeet Kumar -
    
कहते हैं खुशियां बांटने से और ज्यादा बढ़ती है। और इस कहावत को साकार कर दिखाया 20 महीने की एक मासूम बच्ची के माता पिता ने। दरअसल दिल्ली के रोहिणी मे रहने वाले आशीष कुमार की बेटी धनिष्ठा की एक हादसे के दौरान मौत हो गई थी। जिसके बाद मासूम बच्ची के माता पिता ने निर्णय लिया कि बच्ची के ऑर्गन्स को डोनेट किया जाए। और माता पिता ने हिम्मत जुटाते हुए बच्ची के ऑर्गन डोनेट कर दिए। आज वो मासूम बच्ची इस दुनिया में नहीं है, लेकिन इस बच्ची ने 5 लोगों को जीवन दान दे दिया।

 

दैनिक जागरण आगरा में हो रहा कर्मचारियों का उत्पीड़न

जागरण की आगरा यूनिट अपने कर्मचारियों के उत्पीड़न करने में कोई कमी नहीं छोडना चाहती है. बढती महंगाई में वेतन बढोत्तरी न होने संपादकीय विभाग पहले से परेशान है. अब उन पर अतरिक्त काम का दबाव भी बनाया जा रहा है.

न्यूज़18 हिंदी डॉटकॉम के संपादक दया और मैनेजर पीयूष एक घिनौनी परंपरा की नींव डाल रहे हैं

अमरेंद्र किशोर-

 न्यूज़18 हिंदी डॉटकॉम के संपादक दया शंकर मिश्र और मैनेजर पीयूष बबेले एक घिनौनी परंपरा की नींव डाल रहे हैं। ये दोनों नेटवर्क18 में काम करने वालों से इस्तीफ़ा जबरन  SMS पर माँग रहे हैं। उनसे अपने मनमाफ़िक भाषा में इस्तीफ़ा लिखवा रहे हैं। ये दबी जुबान में सैलरी में दिक्कत आने की भी धमकी दे रहे हैं। दोबारा न्यूज़18 में नौकरी पाने में समस्या आने की भी धमकी दे रहे हैं।

अमर उजाला ने गुरुग्राम में खोला नया थाना

गुरुग्राम अमर उजाला की हालत खराब लग रही है। तभी हर दिन खबरों में कोई न कोई लापरवाही की बात सामने आ जाती है। ताजा मामला 18 सितंबर को अमर उजाला गुरुग्राम एडिशन में छपी खबर है। जिसमें अमर उजाला ने एक नया पुलिस थाना ही खोल दिया। हुआ यूँ कि गांजे के साथ युवक गिरफ्तार हुआ जिसका प्रेसनोट गुरुग्राम पुलिस ने जारी किया। अमर उजाला के पत्रकार ने प्रेसनोट में स्पष्ट शब्द होने के बावजूद लापरवाही दिखाते हुए लिखा की आरोपी को सेक्टर-31 थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया।

सरकारी कार्यालय बना दारू का अड्डा, देखें तस्वीरें

uvaish choudhari-

इटावा सरकारी कार्यालय बना मयखाना ड्यूटी टाइम में छलक रहे जाम,वन क्षेत्राधिकारी राष्ट्रीय चम्बल सेंचुरी का कार्यालय ड्यूटी टाइम में बना दारू का अड्डा, रेंजर डिप्टी रेंजर, जैसे अधिकारी से लेकर वन दरोगा फॉरेस्ट गार्ड सहित 5 कर्मचारी अधिकारी कार्यालय में पीते नजर आए दारू कैमरे में हुए कैद, रेंजर डिप्टी रेंजर जैसे बड़े पद पर तैनात है अधिकारी और कर्मचारी, ज़िला वन अधिकारी ने माना वीडियो में दिख रहा कि वन्य जीव से जुड़े स्टाफ के लोग ड्रिंक कर रहे है उच्चाधिकारियों को अवगत करा कर जांच कराई जाएगी।

Job Opening for Femal News Anchor Mumbai

 
Dear Sir,

3D Media House is fast growing organization active into multi segment of News, Music, album, Video  production & its distribution for various platform, Our News Network is Bouquet of 7 You Tube New Channels in different segment. We have our corporate office in Mumbai, India.

समीर कुमार की दादागीरी


लगभग एक वर्ष पहले PBNS नाम से प्रसार भारती की डिजिटल सेवा शुरू हुई थी। विजन था देश का सबसे बड़ा डिजिटल नेटवर्क शुरू करना। समीर कुमार नामक व्यक्ति को इसकी बागडोर दी गई तीन साल के कॉन्ट्रैक्ट पर, ADG रैंक दे कर।

संपादक संजय मिश्र ने पत्रकारिता के सिद्धांतों को ताक पर रख दिया है, सुनें आडियो

PRAMOD KUMAR SINGH-

 
आदरणीय सर,

मैंने पिछले मेल के माध्यम से प्रभात खबर के एक पत्रकार का आडियो भेज कर ' पत्रकारिता के नियमों का उल्लंघन और कानून के विरुद्ध कार्य करने ' वाले पत्रकार पर दंडात्मक कार्रवाई का अनुरोध किया था !

पिछला आडियो मनोज सिंह नामक, ब्यूरोचीफ का था और यह आडियो उसके संपादक  संजय मिश्र का है! यह मेरे भाई के साथ वार्ता में कहता है कि "यदि आपके भाई अखबार नहीं जलाते तो हम दिखा देते दारोगा पुलिस को कि झूठा केस करने का, क्या परिणाम होता है"! विचित्र बात है?  

एक संपादक यह जानता है कि एक आम नागरिक पर पुलिस ने झूठा केस किया है फिर भी इसके द्वारा 'पत्रकारिता' के सिद्धांतों को ताक पर रख कर, जनहित की अवहेलना कर डाली!

अरविंद शर्मा बनेंगे शशांक शेखर

अरविंद शर्मा को लेकर तमाम कयास लगाए गए किसी ने डिप्टी सीएम का दावेदार घोषित कर दिया तो किसी ने 2022 के लिए सीएम का दावेदार । किसी ने दिनेश शर्मा की छुट्टी कराकर उन्हें केंद्र में लाने की बात कही तो किसी ने दिनेश शर्मा उपसभापति । खैर आते है मुद्दे पर कैबिनेट सचिव शशांक शेखर का नाम तो आपने सुना होगा । वह शशांक शेखर जो आगरा के डीएम से आगरा दिल्ली एक्सप्रेवे के दौरान डीएम से यह कहते है तेरा पेट फाड़कर जमीन ले लूंगा । वह शशांक शेखर जो भट्टा पारसौल में उपद्रव के दौरान यह कहते है कि क्या डीएम एसएसपी पैदल नही चलकर आ सकते थे क्या या किस संविधान में लिखा है डीएम एसएसपी पैदल नही चल सकते । ऐसा ही शशांक शेखर की जरूरत यूपी को है। दरअसल यह पर्दे के पीछे 2024 का मोदी का माइक्रो  मैनेजमेंट है ।

दुम दबाकर गुजरात से भागा आईटीवी नेटवर्क का गुजरात ब्यूरो!

 zahir bhatti-

आईटीवी नेटवर्क के गुजरात ब्यूरो पर राहु-केतु भारी चल रहा हैं। नेटवर्क की मैली मुराद के चलते एक मुसीबत टली नहीं कि दूसरी दस खड़ी हो जाती हैं! जहां अपने पैर जमाने की फिराक में होता है, वहीं कीचड़ में धंस जाते हैं। गौरतलब है कि पहले अहमदाबाद के थलतेज में स्थित होटल कैम्बे ग्रांड में 18 मार्च 20 को चैनल की अकाल मृत्यु हुई। चैनल शुरू होने के महज दो साल के भीतर गर्त में चला गया। होटेल स्वामी को ब्यूरो का किराया न भर पाने के कारण चैनल का सारा सामान जब्त हो गया। साथ ही जमानत राशि, छ लाख रुपए का जनरेटर और कुछ ढाई लाख रुपए का बिजली बिल लंबित है।

बासी खबरों-फोटो के सहारे नम्बर वन बनना चाहता है भास्कर

'नया कलेवर, तीखा तेवर' स्लोगन से आगे बढ़ रहे दैनिक भास्कर ने 25वें वर्ष में प्रवेश कर लिया है। भास्कर को और अधिक बेहतर बनाने के लिए मालिक सुधीर अग्रवाल चाहे जितनी कोशिश कर लें मगर इनके कार्मिक ही इस अखबार की साख को भट्टा बैठाने में लगे हैं। ताजा मामला राजस्थान के ब्यावर ब्यूरो ऑफिस का है। वहां तैनात भास्कर टीम की लापरवाही का आलम ऐसा है कि पुरानी और बासी खबरों के सहारे पन्ने भरे जा रहे हैं। संपादक की मेहरबानी के चलते बरसों से एक ही दफ्तर में जमी ब्यावर टीम न सिर्फ खबरों की खानापूर्ति, बल्कि लापरवाही की हदें पार कर रही है। थोड़े-थोड़े समय बाद पुरानी खबरों और तस्वीरों को फिर से छापना इनकी फितरत बन गई है।

10.3.21

भारत सरकार का आजादी का अमृत महोत्सव और आपातकाल लोकतंत्र सेनानियों का दयनीय जीवन

-करणीदानसिंह राजपूत

आजादी का अमृत महोत्सव भारत सरकार पूरे देश में मनाने जा रही है। यह महोत्सव आजादी के 75 साल पूरे होने पर मनाया जा रहा है। यह 12 मार्च 2021 से देशभर में शुरू होगा और 75 सप्ताह तक यानी 15 अगस्त  2023 तक मनाया जाएगा। इस महोत्सव पर आयोजन के लिए प्रत्येक राज्य में और प्रत्येक जिले में तैयारियां शुरू हो चुकी है। इस 75 सप्ताह तक चलने वाले महोत्सव में अनेक कार्यक्रम होंगे।

5.3.21

दुख हुआ चंडीगढ़ संजीव महाजन से जुड़ी खबर सुनकर

 Om Raturi
    
 
 क्यों संजीव, यह सच है क्या ?  हिमालय से लेकर कन्याकुमारी तक पत्रकारिता का सफर तय करने का मौका मिला जाने अनजाने गिरते पड़ते। पता नहीं जीवन में कितनी तरह का नशा हमने किया, रिपोर्टिंग की, लेकिन सबसे बड़ा नशा इंसानियत का लगा ।  दुख हुआ चंडीगढ़ संजीव महाजन से जुड़ी खबर सुनकर।  चंडीगढ़ में दिल्ली के बाद वेतनमान अच्छा है लेकिन पत्रकारों की भौतिक तावादी भूख, नेताओं की संगत में रहकर बढ़ जाती है असलियत यह है कि संजीव महाजन के नाम पर खबर किसी दूसरे ग्रुप में भेजी होगी । 

आ गया है महिला दिवस - पर महिलायें हैं कहाँ?

 

प्रेस  रिलीज़ - लव मैटर्स इंडिया, 4 मार्च 2021 


टाइटल 1 :  आ गया हैं महिला दिवस - पर महिलायें हैं कहाँ?

टाइटल 2 :  स्त्रियों की सेहत, शरीर और सेक्सुअलिटी और इंटरनेट: एक लुप्त कड़ी 


वर्ष 2020 ने दुनिया को डिजिटल की तरफ़ बढ़ते हुए देखा -काम के लिए, शिक्षा के लिए और मनोरंजन के लिए भी। व्यक्ति और संस्थाएं काम करने, सीखने-पढ़ने और संलग्न रहने के लिए ऑनलाइन ज़रियों की तरफ अग्रसर होने लगे। फिर भी, ऑनलाइन प्लेटफार्म की तरफ बढ़ते कदम , हर किसी के लिए एक जैसे नहीं रहे और उसके फायदे भी असमान रूप में मिले।  इंटरनेट तक पहुँचने में आर्थिक, लैंगिक, शहरी-ग्रामीण विभाजन का  सीधा असर पड़ता है, यह सूचना, संसाधनों और उपयुक्त मौक़ों की उपलब्धता को भी प्रभावित करता है। 

2.3.21

छत्तीसगढ़ के आनंद को मिला राईजिंग स्टार ऑफ द इयर-2021 अवार्ड


रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में स्वयंसिद्धा फॉउंडेशन द्वारा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। देशभर के अलग- अलग क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले कुल 53 कर्मवीरों को राईजिंग स्टार ऑफ द इयर-2021 अवार्ड से विभूषित किया गया। समारोह में छत्तीसगढ़ के कोने- कोने से पहुँचे लोगों के अलावा दिल्ली, मुंबई, ओड़िशा, महाराष्ट्र से भी प्रमुख समाजसेवी उपस्थित थे। प्रेस क्लब महासमुन्द के अध्यक्ष व वरिष्ठ पत्रकार आनंदराम साहू को भी पत्रकारिता के साथ-साथ समाज सेवा की दिशा में उल्लेखनीय कार्य के लिए सम्मानित किया गया।

मुख्यमंत्री के शहर के छात्र का एसवी कालेज में धार्मिक उत्पीड़न शर्मनाक

अलीगढ | एसवी कालेज में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शहर गोरखपुर के मुस्लिम छात्र का धर्म के आधार पर उत्पीड़न होने की युवा कांग्रेस के प्रदेश महासचिव और पूर्व छात्र नेता जियाउर्रहमान एडवोकेट ने भर्त्स्ना की है | जियाउर्रहमान ने एसवी कालेज प्रशासन के रवैये की भी निंदा की है |

‘विज्ञान प्रोत्साहन सम्मान’ से नवाजे गए डॉ रामशंकर

शोध एवं नवाचार में मिला ‘विज्ञान प्रोत्साहन सम्मान’   


 

ग्रेटर नोएडा : उत्तर प्रदेश सरकार के मिशन प्रेरणा के तहत रविवार को देश के जाने-माने मीडिया शोध  शिक्षक डॉ रामशंकर को ‘विज्ञान प्रोत्साहन सम्मान’ प्रदान किया गया। यह सम्मान विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, गाजियाबाद के क्षेत्रीय वैज्ञानिक अधिकारी डॉ सुरेश चंद्र शर्मा एवं विज्ञान प्रसार संगठन एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार की परियोजना अधिकारी डॉ इरफाना बेगम के कर कमलों द्वारा प्रदान किया गया। डॉ रामशंकर को सम्मान स्वरूप प्रशस्ति पत्र व स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। समारोह का आयोजन अभिनव प्रयोग विज्ञान क्लब, गौतम बुद्ध नगर द्वारा आईआईएमटी इंस्टीट्यूट सभागार, ग्रेटर नोएडा, गौतम बुद्ध नगर में किया गया था।

1.3.21

प्रयागराज सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के आश्वासन को भी झूठा साबित कर दिया

 नहीं दिया कर्मचारियों को कुंभ मेला की प्रोत्साहन राशि

करोड़ों रुपए की कॉन्टिजेंसी  राशि की किया बंदरबांट

 राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने मुख्यमंत्री जी से जांच की किया मांग


 लखनऊ : राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे एन तिवारी ने आज प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के आधिकारिक ईमेल आईडी पर एक पत्र प्रेषित करते हुए 2018 , 2019 कुंभ मेला  को दिन-रात परिश्रम कर सफल बनाने वाले कर्मचारियों के लिए मुख्यमंत्री जी द्वारा प्रोत्साहन राशि दिए जाने की घोषणा में सार्वजनिक निर्माण विभाग में भ्रष्टाचार का उजागर करते हुए पत्र प्रेषित किया है ।

मेवाड़ ग्रुप आफ इंस्टीट्यूशंस के 21 विद्यार्थियों का तीन कंपनियों ने किया चयन



गाजियाबाद। वसुंधरा स्थित मेवाड़ ग्रुप आफ इंस्टीट्यूशंस के 21 विद्यार्थियों का तीन कंपनियों ने नौकरी के लिए चयन कर लिया। तीन से पांच राउंड के कठिन इंटरव्यू में अपना कौशल दिखाते हुए विद्यार्थियों ने यह नौकरी हासिल की। ये तीन कंपनियां हैं-टेक महिन्द्रा, प्रोफिसियो एंड ब्रिलटेक।

27.2.21

राजस्थान पत्रिका अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा,

 

श्रम अधिकारी ने कहा अंतिम पेशी में अनुपस्थित रहने पर होगी एकपक्षीय कार्रवाई

 

जगदलपुर. राजस्थान पत्रिका प्रबंधन कोरोना लॉकडाउन में निकाले गए कर्मचारियों को मजीठिया वेजबोर्ड का लाभ देने में अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में श्रम विभाग में लगाए गए परिवाद पर सुनवाई में जानबूझकर उपस्थित नहीं होकर मामले को लंबित कर रहा है। राज्य के भिलाई, बिलासपुर, रायपुर सहित अन्य संस्करणों के कर्मचारियों का मजीठिया वेजबोर्ड को लेकर विभिन्न जिलों के श्रम विभाग में मामला चल रहा है।