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14.5.09

Loksangharsha: तुझसे बेहतर तेरी अदा जाने..


जितना बढ़ चढ़ के आइना जाने॥
हुस्न क्या शै है कोई क्या जाने॥


किस की जुल्फों को छूके आई है-
महकी
महकी हुई हवा जाने॥

मौत किसको मिली हयात किसे-
तुझसे बेहतर तेरी अदा जाने॥

ऐश वालो से पूछते क्या हो-
लज्जत गम तो ये गदा जाने॥

यु तो रहते हो साथ साथ मगर -
कब
बिछड जाए वो खुदा जाने॥

किस कदर तुमसे प्यार है भगवन -
ये
मेरी अपनी आत्मा जाने॥

मैं वो ''राही'' हूँ जो फजले खुदा
रास्ता
सिर्फ़ प्यार का जाने॥


डॉक्टर
यशवीर सिंह चंदेल ''राही''

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