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1.9.08

पेंटिंग देख लो

आप लोग सोच रहे होंगे कि हमतो जावेद की चित्रकारी के पीछे ही पड़ कर रह गए हैं. ऐसा नहीं है, जब जावेद से अपनी पेंटिंग को ब्लॉग के द्वारा नेट पर लाने का अनुरोध किया (हालाँकि एक बार बड़ा संकोच भरी जानकारी जावेद ने चाही थी पर फ़िर वे शांत रह गए) तो जावेद बड़े सकुचाये थे. अपने ब्लॉग के द्वारा हम नेट के जलवे देख चुके थे और इसी कारण हमारी इच्छा थी कि ब्लॉग का कुछ सदुपयोग हो जाए. यही सोच कर जावेद का ब्लॉग बनाया और उनकी पेंटिंग को उसके माध्यम से सबके सामने लाने का विचार बनाया. अपनी पिछली पोस्ट पर भी आप सबसे उनकी चित्रकारी की चर्चा की थी आज फ़िर कर रहे हैं. उनकी एक पेंटिंग उनके ब्लॉग पर लगा दी है. आगे भी धीरे-धीरे उनकी अन्य पेंटिंग उनके ब्लॉग पर आती रहेंगी.
असल बात ये है कि जावेद ने आज तक पेंटिंग को व्यावसायिक रूप से नहीं किया है इस कारण उनकी तमाम सारी पेंटिंग को इकठ्ठा करने में दिक्कत आ रही है. जैसे-जैसे पेंटिंग एकत्र होती रहेगी वैसे-वैसे आपके सामने आती रहेंगी. 10000 से अधिक पेंटिंग बनाने वाले जावेद ने आज तक किसी भी पेंटिंग की फोटो अपने पास नहीं रखी है। स्वभाव से भोले-भाले जावेद की पेंटिंग के नमूने उनके प्रशंसकों के माध्यम से इकठ्ठा किए जा रहे हैं इस कारण थोड़ा समय लगेगा पर जल्दी ही लगभग सारी पेंटिंग को
ब्लॉग पर लगा दिया जाएगा.
एक दिन में लगभग 100 पेंटिंग बनाने वाले जावेद को हम लोग प्रोत्साहित कर रहे हैं कि वे अब कुछ काम व्यावसायिक रूप से करें जिससे उससे प्राप्त धन को वे अपने छात्रों पर खर्च कर सकें। जावेद ने अभी तक लगभग 20000 के आसपास बच्चों को चित्रकारी सिखाई है और वो भी निःशुल्क.
अब आप लोग सहयोग करियेगा, जो लोग पेंटिंग में रूचि रखते हैं वे नेट के द्वारा भी पेंटिंग बनाने का ऑर्डर जावेद को दे सकते हैं. ये प्रयास हम लोगों का है जिसमें आपके सहयोग की जरूरत है. इससे आर्थिक तंगी से गुजरते कलाकार की कला सुरक्षित रहेगी. यदि ऐसा होता है तो मुझे लगेगा कि मेरा ब्लॉग के रूप में आना सफल रहा. लिखना तो कागज़ पर हो ही रहा था यहाँ आकर कोई बड़ा तीर नहीं चला लिया.

ब्लॉग पर पेंटिंग

आज की ये पोस्ट हमारे एक दोस्त के लिए. ऐसे हम दोनों लोगों की उमर के अन्तर हिसाब से दोस्त शब्द उचित नहीं लगेगा पर जैसा कि कहा जाता है कि दोस्ती की कोई उमर नहीं होती ठीक ऐसा ही हम लोगों के साथ है. अपने इसी दोस्त के ब्लॉग की सूचना देने के लिए ये पोस्ट लिख रहे हैं. जावेद नाम है हमारे मित्र का, वे बहुत अच्छे चित्रकार हैं. विगत 27 वर्षों से चित्रकारी कर रहे हैं और लगभग 10000 से अधिक चित्र बना चुके हैं।
जावेद की खास बात ये है कि वे वाकई कलाकार हैं क्योंकि उन्हों ने धर्म, मजहब से ऊपर उठ कर हिंदू-मुस्लिम दोनों धर्मों के लिए पाक चित्रकारी की है. ख़ुद चित्रकारी करने के साथ-साथ वे बच्चों को सिखाते भी हैं. अब तक वे निःशुल्क रूप से 20000 के आसपास बच्चों को चित्रकारी के गुन सिखा चुके हैं. देश के लगभग हर प्रान्त में अपनी पेंटिंग बना चुके जावेद निःशुल्क ही चित्रकारी करते हैं. व्यवसायिक सोच से कहीं बहुत ऊपर जावेद मानवता की सोच रखते हैं। उत्तर प्रदेश की ललित कला अकादमी के सदस्य जावेद एकदम फक्कड़ तरीके से जीवन जीते आ रहे हैं।
आर्थिक तंगी ने उन्हें देश-विदेश के मानचित्र पर सम्मानित तो नहीं किया है पर वे अपने सीधे-सरल स्वाभाव के कारण जनता में अत्यधिक लोकप्रिय हैं. अपने इसी स्वाभाव के कारण आज की चापलूसी, रिश्वतखोरी से दूर रहे तो इससे सम्मानों, पुरस्कारों ने उनसे दूरी बनाये रखी. खास बात ये है की जावेद ने अभी तक हर जगह पर चित्रकारी निःशुल्क ही की है. किसी न किसी रूप से उनकी कला को अधिक से अधिक लोग देखें, इन्टरनेट पर लोग देखें, ऐसी मासूम सी अभिलाषा उन्हों ने मुझसे की. इसके परिणामस्वरूप
जावेद का एक ब्लॉग बना दिया, जिस पर समय-समय पर उनकी पेंटिंग को लाने का काम होता रहेगा, देखना सराहना करना आपका काम होगा।
अजमेर शरीफ, बनारस, इलाहबाद, उज्जैन आदि जगहों पर मक्का शरीफ, दुर्गाजी, हनुमानजी आदि के चित्र बनाने वाले जावेद ने सबसे पहला चित्र ताजमहल का बनाया था जो मात्र 1.50 रुपये में बिका था. जावेद नेट के द्वारा भी पेंटिंग बनाए को तैयार हैं बस उसका सही मूल्य मिलने की जरूरत है.