सी एस टी में भिखारी और चोर टिकेट क्लर्क है यह आर्टिकल पढ़कर मुझे कोई आश्चर्य नही हुआ क्योंकि ऐसा सिर्फ़ सी एस टी में ही नही बांद्रा , कुर्ला टर्मिनल्स ,दादर जैसे स्टेशनों पर भी वाही होता है। बांद्रा में जहाँ दलालों की मिलीभगत से यात्रियों को लुटा जाता है । वहीं सबसे ज्यादा भयानक चेहरा कुर्ला टर्मिनल्स का है । सी एस टी के १८ नम्बर प्लेटफोर्म से २१४१ सुपरफास्ट के समय जनरल यात्रियों को लाइन में खड़ा करने के लिए २०रुपय से ५० रुपए लिए जाते है फ़िर उसे डब्बे में जाने दिया जाता है अन्यथा पुलिस वाले लाधी चार्ज करते है । जिसका खामियाजा हमेशा यात्रियों को उधना पड़ता है । कुर्ला टर्मिनल्स पे टिकट के लाइन में खड़े होने के साथ ही आप के बुरे समय की सुरवात हो जाती है । १० रुपए प्रति टिकट अधिक लिए जाते है। फ़िर डब्बे में चढाने के लिए २० से ५० रुपये लिए जाते है । अगर सामान ज्यादा है तो ५० से १०० रुपए लिए जाते है और उसका चलन भी नही बनता है इतना सब कुछ यात्रियों को जो सहना पड़ता है इससे तो अच्छा है रेल मंत्रालय कुर्ला या फ़िर सी एस टी से ही एक ट्रेन पटना या दरभंगा तक के लिए चालू कर दे तो शायद यात्रियों को इन सरकारी भिखारियों और चोरो का सामना न करना पड़े .
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17.9.09
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