आज सुबह सुबह जब आंख खुलने ही वाली थी कि एक राजाओं जैसे हुलिये वाला शख्स सामने से आता दिखा तो मुझे लगा कि ये सपना शायद किसी माइथोलाजिकल बैकग्राउंड से संबंधित है। लेकिन उस शख्स ने बताया कि वो तो महाराज विक्रमादित्य हैं। दिमाग पर काफ़ी जोर देने पर याद आया कि अरे बाप रे ये तो बड़े प्रतापी महाराज हैं। उन्होंने मुझसे बड़ी रिक्वेस्ट-सिक्वेस्ट करी कि अरे तुम भड़ासी तो हिंदी वाले हो और न जाने क्या बात थी पौष माह की एकादशी को "हैप्पी न्यू ईयर" चिल्ला चिल्ला कर एक दूसरे को बधाई दे रहे थे, मदिरा आदि का सेवन करके पगलाए जा रहे थे। मैंने स्वर्ग में सबसे पूछा तो मुझे बताया गया कि आज मानव जाति ईसा मसीह के नाम से वर्ष की शुरूआत मानती है इसलिये यह उन्माद है। इसलिये हे भड़ासी प्राणी,आज अगर तुम हिंदी का दंभ भरते हो तो मेरे नाम से चल रहे विक्रम संवत के शुरुआत की भी जनसामान्य को शुभेच्छा दे दो कि आज से विक्रम संवत २०६५ प्रारंभ हो गया है। यदि तुम मुझे भूल गये तो दोष तुम्हारा नहीं है यह तो समय का प्रभाव है लेकिन तुम सब तो धारा के विपरीत चलने का साहस करते हो। अचानक आंख खुल गयी और उठते ही महाराज विक्रमादित्य आशीर्वाद की मुद्रा में हाथ उठा कर अद्रश्य हो गये। मैं उनके निवेदन पर यह पोस्ट डाल रहा हूं अगर मन करे तो एक दूसरे को शुभेच्छा दे दो वरना अगले साल फिर महाराज याद दिलाने आयेंगे।
Showing posts with label विक्रम संवत. Show all posts
Showing posts with label विक्रम संवत. Show all posts
7.4.08
हैप्पी "विक्रम संवत २०६५" यानि न्यू ईयर
Posted by
डॉ.रूपेश श्रीवास्तव(Dr.Rupesh Shrivastava)
7
comments
Labels: न्यू ईयर, भड़ासी, विक्रम संवत, हिंदी
Subscribe to:
Posts (Atom)
