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21.9.17

भास्कर का दोहरा चरित्र

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तिवारी के पास अथाह संपत्ति?

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मथुरा के पत्रकारों ने निकाला मार्च

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मैथिली एवं भोजपुरी नाट्य समारोह : ’एकादशी’ और 'बबुआ गोबरधन' नाटकों का मंचन

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कुमार गजेंद्र फिर पहुंचे नवोदय टाइम्स

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प्रभात खबर पटना में संजीत मिश्रा को मिली लाइफ@पटना की जिम्मेदारी

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मीडिया में संयम होना चाहिए, आक्रमकता नहीं : केजी सुरेश

राष्ट्रीय मीडिया कार्यशाला का आयोजन, पत्रकारिता के बदलते आयाम विषय पर कार्यशाला


दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अम्बेडकर कॉलेज एलुमनी क्लब द्वारा  "आधुनिक पत्रकारिता के बदलते आयाम" विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय मीडिया कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए मुख्यअतिथि के रूप में पहुंचे भारतीय जन संचार संस्थान के महानिदेशक के जी सुरेश ने कहाकि मीडिया में संयम होना चाहिए, आक्रमकता नहीं। उन्होंने भावी पत्रकारों के लिए कहा कि वे रिपोर्टिंग करें ना कि कि निर्णय दें। मीडिया का लोकपक्ष के अलावा कोई अन्य पक्ष नहीं होना चाहिए। उन्होंने पत्रकारों के लिए अध्ययन की बात के साथ भाषायी पत्रकारिता की बात पर भी बल दिया।

ब्रज प्रेस क्लब ने पत्रकारों पर हमले की निंदा की

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त्रिपुरा में युवा पत्रकार की हत्या से मीडिया जगत स्तब्ध

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20.9.17

पत्रकार ने दैनिक जागरण को लीगल नोटिस भेजा



गोहाना पीजी कालेज की छात्राओं ने किया प्रदर्शन

गोहाना पीजी कालेज की छात्राओं ने किया प्रदर्शन केवल एक शिक्षक के सहारे गर्ल्ज विंग, छात्राओं ने कहा हमारा भविष्य अंधकार में राजेन्द्र कुमार हायर एज्यूकेशन को लेकर सराकर चाहे कितने भी दावे करे या कितनी भी पॉलसी बना ले लेकिन धरातल स्थित बहुत खराब है। गोहाना पीजी कालेज की छात्राओं ने बुधवार को सरकार व कालेज प्रशासन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। छात्राओं का आरोप है कि उनका सलेबस पूरा कब होगा अभी तक तो किताबें खुली भी नही। साईस विभाग केवल एक शिक्षक के भराेसे चल रहा है। गणित, कमैस्ट्री और फिजीक्स के टीचर पीछले लम्बे समय से नही है। ऐसे में वो कब पढ़ाई करेंगी। गुस्साई छात्राओं ने बताया कि इतना ही नही अभी तक उन्हें ये भी नही बता कि उनका रजिस्ट्रेशन किस विवि के साथ है। गौरतलब है कि कई गर्ल्ज कालेज को भक्त फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय के साथ जोड़ा जा रहा है ऐसे में सभी गर्ल्ज कालेज में ये समस्या है। तीसरी मांग छात्राओं ने अपने विभाग में बिजली पानी की रखी। छात्राओं ने कहा कि यहां कालेज में रहने के लिए ना बिजली है ना पानी और पढ़ाई के लिए शिक्षक नही। ऐसे में हमारा भविष्य हमे अंधकार में जाता हुआ लग रहा है। वो सरकार से मांग करती है सरकार इस ओर ध्यान दें और समय रहते कालेज में शिक्षक भेजे। इस बारे में जब कालेज की प्राचार्या सुमन दहिया से बात की गई तो उन्होंने बताया कि वो छात्राओं की समस्याओं से अवगत है और शिक्षक समेत रजिस्ट्रेशन के लिए भरसक प्रयास किए जा रहें है। छात्राओं की पढ़ाई बाधित हो रही है इसके लिए हमें भी बहुत दुख है। हायर एज्यूकेशन में भी शिक्षक की नियुक्त को लेकर बात हुई थी। जल्द ही शिक्षक को भेजने की बात कही गई है।

18.9.17

छह पत्रकारों का हुआ सम्मान

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अपर्णा बाजपेई का ब्लाग- 'बोल सखी रे'


ब्लाग का नाम- बोल सखी रे
संचालक -अपर्णा बाजपेई 

विनय वर्मा की नई पारी

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एक ग्रामीण पत्रकार हो गया बदनाम

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मृणाल पांडेय के इस ट्वीट पर हो रहा है हंगामा

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गांधी ने विचारों का राजनीतिकरण किया: प्रो बी बी कुमार

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मौखिक इतिहास (1942) को लिपिबद्ध करने की जरूरत: महाजन
नई दिल्ली। प्रो बी बी कुमार ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में कांग्रेस ने विचारों का राजनीतिकरण किया, जिससे अंग्रेजों को देश का विभाजन करने में काफी सहूलियत हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पर वर्चस्व स्थापित करने की उनकी रीति-नीति से राष्ट्र में ज्ञान और चिंतन की पूरी दिशा ही भटक गई, जिससे देशवासियों को भारी क्षति हुई है। इसलिये इस स्थिति को नए सिरे से बदलने की जरूरत है। प्रो कुमार स्थानीय गांधी शांति प्रतिष्ठान में अमर शहीद डॉ शिवपूजन राय प्रतिष्ठान के तत्वावधान में अगस्त क्रांति के 75वें वर्ष के मौके पर आयोजित अमर शहीद स्मृति समारोह 2017 में अपना अध्यक्षीय उद्गार व्यक्त कर रहे थे।

16.9.17

कोहबर कला को बचाने की कवायद



मिथिला कला बिहार के मिथलांचल क्षेत्र की लोक कला है और 'रामायण' तथा 'महाभारत' में इसका उल्लेख मिलता है. इसकी उत्पत्ति 'कोहबर' से हुई है. कोहबर एक ऐसे कमरे को कहा जाता है, जहां मैथली शादी के दौरान रस्में और रीति-रिवाज किये जाते हैं और उस कमरे की दीवारों पर देवी-देवताओं और अन्य शुभ प्रतीकों की छवियों को चित्रित किया जाता हैं. इसी कला को एक पहचान दिलाने वाले चेहरे का नाम है उषा झा. जिन्होनें इस कला को रोज़गार का साधन बना कर जन्म दिया पेटल्स क्राफ्ट को. उषा आज के दौर में पटना का एक बड़ा नाम है. इस काम की शुरूवात उषा ने भले ही थोड़े से शिल्पकारों के साथ की लेकिन आज उनके साथ तकरीबन 300 से अधिक प्रशिक्षित स्वतंत्र महिलाएं उनके साथ काम करती हैं. 'पेटल्स क्राफ्ट' की शुरुआत 1991 में उषा झा के घर पटना के बोरिंग रोड से हुई, जहाँ से वे आज भी काम करती हैं. इस काम की शुरूवात उन्होंने अपने घर के एक छोटे से कमरे से की थी. उषा ने थोड़े से शिल्पकारों के साथ अपने काम की शुरुआत की थी, जिनमें से दो तो उनके घर से काम करती थीं, जबकि शेष अन्य मिथिलांचल में रह कर काम करती थीं.

निकम्मी सरकार का ब्रेनवाश गेम

क्या आप जानते हैं की सरकार ने अपनी मुख्य जिम्मेदारियों को व्यवसाय बना दिया है और व्यवसाय को अपनी जिम्मेदारी बना लिया है। चूँकि सरकार यह काम बरसो से कर रही है, इसलिए अधिकांश लोगों का दिमाग ब्रेन वाश हो चुका है। वह इस सच्चाई को कबूल ही नहीं कर पाएंगे कि बिजली-सड़क बनाना सरकार की मूल जिम्मेदारी नहीं है, यह सशुल्क सेवा है। इसके लिए सरकार अलग से रोड टैक्स, टोल टैक्स, व्हीकल एक्ट के तहत वसूली करवाई व बिजली बिल लेती है। इसलिए कहना बेईमानी होगी कि आपके प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष कर का पैसा इन कामों में लाया जाता है।

जीएसटी: सामने आएगी प्रिंट मीडिया की धांधली

अक्टूबर से सरकार जीएसटी को लेकर सख्त हो जाएगी जिससे दो नंबर के कारोबार में हाहाकार मच सकता है। बात करे प्रिंट मीडिया की तो एक बहुत बड़ी धांधली बाहर आएगी.  दरअसल प्रिंटिंग प्रेस पर 18 प्रतिशत की जीएसटी लगेगा, पहले यह 6 प्रतिशत था। यदि जीएसटी सही संकल्पना के साथ लागू हो गया तो कईयों की फिल्म बन सकती है।

पेट्रोल-डीजल बाजार आसमान पर

वित्त मंत्रालय का आर्थिक सर्वे बताता है कि किस तरह आज का तेल (पेट्रोल-डीजल) बाजार कुछ साल पहले के तेल बाजार से बिल्कुल अलग है ।  इसके मुताबिक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें काफी नीचे आई हैं और सरकार इससे बहुत राहत महसूस कर रही है ।  लेकिन इस सर्वे को पढ़ने वाले आम भारतीय हैरान हो सकते हैं कि तेल बाजार में इतने बड़े बदलाव के बाद भी राहत जैसी कोई चीज उन्हें महसूस क्यों नहीं हो रही । नरेंद्र मोदी सरकार ने जब से सत्ता संभाली हैं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें आधी हो चुकी हैं, लेकिन इसका आम उपभोक्ताओं की जिंदगी पर कोई असर नहीं पड़ा । 

नवीन जोशी ने 'नाद रंग' का पहला अंक देखकर यह लिखा आर्टकिल

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15.9.17

पीएम मोदी पर बन रही है गुजराती में फिल्म, देखें कुछ सीन



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यशवंत पर हमले को लेकर वरिष्ठ पत्रकार अविकल थपलियाल ने क्या कहा, पढ़िए

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वरवर राव से विशद कुमार की एक बातचीत



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गलत रिपोर्टिंग से दुखी होकर भेजा लीगल नोटिस

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नेपाल मे पार्टी प्रचार कररही है ‘न्यूज इण्डिया’ वाले

मुलायम से मिले उनके तीन पुराने पत्रकार मित्र

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