गुरु गोविंद सिंह
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सद-विचार
अगर कोई बात गले में अटक गई हो तो उगल दीजिये, मन हल्का हो जाएगा...
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प्रवीण त्रिवेदी
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डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म दिन आज हम शिक्षक दिवस पर मना रहे हैं । एकलव्य जैसे शिष्य देने वाली गुरुकुल शिक्षा कि संस्कृति वाले इस देश की शिक्षा के बदले मुखौटे में शिक्षक ,शिक्षार्थी व शिक्षा के मायने ही बदल दिए गए हैं। मार्गदर्शक कहे जाने वाले गुरु और शिष्य के मध्य नैतिक मर्यादाओं में तेजी से हो रही गिरावट पूरे समाज के लिए चिंतनीय है। समाज की गिरावट से होड़ लेते हुए शिक्षा से जुड़े हुए उच्च-आदर्श व मूल्य जिस तरह से खोये जा रहे हैं, उससे शिक्षक भी पूर्णतयः विचलित होते दिख रहे हैं। व्यावहारिक खामियों के चलते सर्व शिक्षा का प्रयोग सफल नहीं हो पा रहा है । नैतिक शिक्षा पढ़ाई जाने के बावजूद नैतिकता कितनी कायम है , यह समाज के आईने में दिख रहा है। इस शैक्षिक व्यवस्था में अधिकारीयों की छाया शिक्षकों पर, शिक्षकों की छाया छात्रों पर पड़ती है । राजनीती और अफसरशाही में खोट से ही अव्यवस्थाओं का आगमन हुआ है । जाहिर है इस बात पर सिर्फ़ क्षोभ ही जाहिर किया जा सकता है कि आज हमारा शैक्षिक जगत अमीरी व गरीबी कि दो वर्गीय व्यवस्था में साफ बटा हुआ दिख रहा है। आज ज्ञान के भंडार को खरीदा जा रहा है, और ज्ञान पाने के लिए अकूत धन खर्च करना पड़ रहा है।शैक्षिक हिस्से में पारदर्शिता समाप्तप्राय है ,और इस पवित्र पेशे में माफिया कब्जा जमा चुके हैं । यह कहा जाए कि शिक्षा अब धन व बाहुबलियों कि मुट्ठी में है ,तो ग़लत न होगा । व्यवसायीकरण के इस दौर में शिक्षा को शिक्षा को कुछ लोगों के हाथ कि कठपुतली बना दिया गया है । आख़िर शिक्षक भी इनकी चपेट कंहीं न कंहीं से आ ही जाते है । जाहिर है कि जब पूरे समाज का जो भटकाव हो रहा है , तो शिक्षक भी तो इसी का एक अंग ही तो है ।
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प्रवीण त्रिवेदी
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प्रवीण त्रिवेदी
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प्राइमरी के अध्यापकों की इस नई दुनिया मे आपका स्वागत है. इस मंच पर आप अपने विचारों का आदान-प्रदान कर सकते हैं. एक प्राइमरी के मास्टर के रूप मे यदि आप समझते हैं की कुछ समस्याएँ हैं, तो हम भी मानते है की समस्याएँ हैं. क्यों नहीं इस मंच का प्रयोग इन समस्यायों के समाधान मे किया जाए. अगर बच्चे उस तरह नहीं सीख पाते है, जैसे उन्हे सिखाया गया है, तो क्यों नहीं उन्हें उस तरह से सिखाया जाए जैसे वो सीख सकें.
ये प्रस्तावना/भूमिका है एक ब्लाग का जिसका नाम है प्राइमरी का मास्टर http://primarykamaster.blogspot.com/। इस ब्लाग को चलाते हैं प्रवीण त्रिवेदी जो फतेहपुर (उत्तर प्रदेश) जिले के रहने वाले हैं। उनके ब्लाग पर काफी अच्छी पोस्टें और अलग टेस्ट की पोस्टें पढ़ने को मिलेंगी। भाई प्रवीण जी ने भड़ासी बनने के लिए और अपने ब्लाग को भड़ास से जोड़ने का अनुरोध पत्र भेजा था तो मैं उनके ब्लाग को देखने पहुंच गया। काफी जोरदार और पठनीय ब्लाग है।
रवीश कुमार ने दैनिक हिंदुस्तान के कालम में प्रवीण के इस ब्लाग की तारीफ भी की है। रवीश ने लिखा है- फतेहपुर जनपद के प्राइमरी के एक मास्टर का अनुभव दिल्ली में होने वाली बहसों से हटकर ताजगी भरा लगता है।
आप भी प्रवीण के ब्लाग पर जाकर उनका उत्साहवर्धन कर सकते हैं। प्रवीण जी, आपके ब्लाग को मैंने भड़ास के भाई भड़ासियों के कोने में जोड़ लिया है।
जय भड़ास
यशवंत
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यशवंत सिंह yashwant singh
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