Bhadas ब्लाग में पुराना कहा-सुना-लिखा कुछ खोजें.......................

30.7.22

अस्पताल की खबर बनाने पर पत्रकार के खिलाफ मुकदमा

 
-पीड़ित पत्रकार ने पीसीआई अध्यक्ष को भेजी लिखित शिकायत
-पीसीआई सदस्य श्याम सिंह पंवार ने खबरों के आधार पर पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर न्यायसंगत कार्यवाही करने की बात कही
-पीड़ित पत्रकार विशाल सिंह ने आईजी से मिलकर न्याय की लगाई गुहार

28.7.22

सहारा इंडिया की नेटफ्लिक्स गाथा

 प्रवीण झा-

सहारा इंडिया की नेटफ्लिक्स गाथा में एक बहुत ही स्पष्ट बात जो कही है, वो यह कि सुब्रत रॉय लोगों के दिल से जुड़ गए थे। वह गरीबों के विवाह में मदद कराते थे, सभी इम्प्लॉई का खयाल रखते थे, दानवीर थे आदि। यह बात ग़लत भी नहीं है। सहारा का नाम अमीर भले न लें, गरीब जरूर लेंगे। एक पीढ़ी को पढ़ाने-लिखाने से नौकरी तक पहुँचवाने में सहारा का सहारा मिला है। यह बात वे नहीं जानते, जिनके पास कागज-पत्तर है, या निवेश के तमाम साधन हैं। सहारा पर शोध करने वाले तक ने कहा कि आज तक सहारा का एक भी चेक बाउंस नहीं किया।

17.7.22

भास्कर में छप रही एक-दो साल पुरानी खबरें


राजस्थान में दैनिक भास्कर की टीम मॉनसून के बादलों का पीछा कर रही है। लगता है देश में नंबर वन आने की होड़ में भास्कर के पास खबरों का अकाल पड़ गया है। तभी तो अखबार में लगातार पुरानी खबरें छप रही है। इसी खबर को देख लो। राजस्थान के ब्यावर संस्करण में यह खबर 14 जुलाई 2022 को छपी है। केंद्र सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की यही खबर 9 फरवरी, 2021 को अमर उजाला छाप चुका है। इसी दिन भदैनी मिरर वेबसाइट पर भी यह खबर लग चुकी है। भड़ास के जागरूक पाठक ने हमें खबरों के लिंक भी भेजे हैं।