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26.12.22

संविधान की मूल आत्मा मानवतावादी: संजय सिंह

 



अंबेडकर नगर।  जलालपुर तहसील अंतर्गत ग्राम हुसैनपुर में सेंटर फॉर हारमोनी एंड पीस द्वारा राइज एंड एक्ट के तहत राष्ट्रीय एकता, शान्ति, सद्भाव एवं न्याय के लिए "भारत की परिकल्पना " विषयक परिचर्चा आयोजित की गई। इस अवसर पर समता मूलक समाज निर्माण का संकल्प लिया गया।

सहारा निवेशकों का शीघ्र भुगतान कराया जाए

 


सीतापुर आज माननीय सांसद व उपाध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी रेखा अरुण वर्मा जी को उत्पीड़ित सहारा निवेशक संघर्ष सीतापुर के अध्यक्ष व संयोजक नवल किशोर मिश्रा द्वारा ज्ञापन सौंपा गया । ज्ञापन में मुख्य मांगे हैं सहारा निवेशकों का शीघ्र भुगतान कराया जाए।

 मैथिली - हिंदी पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए निशांत सम्मानित।



हयाघाट : सामाजिक कार्यों और मैथिली - हिंदी पत्रकारिता में सक्रिय योगदान के लिए निशांत झा को भाजपा के वरिष्ठ नेता सह पूर्व राज्यसभा सांसद प्रभात झा ने पाग दोपटा व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

1.12.22

पार्टी विद ए डिफरेन्स से चुनावी उन्माद की गिरफ्त तक का भाजपा का सफर

 Krishan pal Singh-

मैनपुरी लोकसभा सीट  के उपचुनाव के लिये भाजपा ने तगडी व्यूह रचना की थी ताकि सपा की इस पुश्तैनी सीट पर अपनी जीत का परिचम लहराकर करिश्मा स्थापित किया जा सके। अगर ऐसा हो जाता तो विधानसभा के हाल में हुये आम चुनाव में सत्ता छीनने की कोशिश में विफल होने के बाबजूद सीटें बढने से सपा के हौंसले जिस तरह बुलन्द हुये थे उन पर पानी फिर जाता गो कि आजम खांन के गढ रामपुर की लोकसभा सीट न बचा पाने से उसे एक झटका तो लग ही चुका था , मैनपुरी में झटका और लग जाये तो उसकी जो फिजा बन रही थी उसका पूरी तरह सत्यानाश हो जाता ।

संविधान की प्रासंगिकता का मोदी राग

केपी सिंह-

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का न्यूज सेन्स कमाल का है। उन्हें पता है कि भाषण में किस समय क्या बात कहनी चाहिये जो मीडिया की सुर्खी बन जाये और सम्पादक उसी की लीड बनाने के लिये मजबूर हो जायें। फिर भले ही उन्होंने जो कहा उसके लिये खुद ही बहुत गम्भीर न हों। संविधान दिवस के दिन सुप्रीम कोर्ट परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि देश का संविधान आज और भी ज्यादा प्रासंगिक हो गया है। प्रधानमंत्री ने अवसर के अनुकूल संविधान का जो महिमा मण्डन किया उसमें कोई अतिश्योक्ति भी नहीं है। लेकिन इसकी सार्थकता तब है जब उनकी पार्टी और उनके अनुयायी भी इससे सहमत हों। अफसोस के साथ कहना पडता है कि इस मामले में वास्तविकता के धरातल पर स्थिति कुछ और ही नजर आती है।