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8.1.11

मुन्‍नी बदनाम हुई

नीचे दी गई पंक्तियों का प्रसंग सहित वर्णन कीजिए,
‘मुन्‍नी बदनाम हुई डार्लिंग तेरे लिए’
प्रसंग सहित वर्णन – यह पंक्ति बालीवुड के प्रसिध्‍द कवि संत श्री सलमान खान(चुलबुल पांडे) जी की रचना ‘दबंग’ के ‘मुन्‍नी बदनाम’ से ली गई है। इस कविता में कवि मायावी सुंदरी(आईटम गर्ल) मलईका अरोरा खान को संबोधित करते हुए प्‍यार में बदनाम होने की प्रेरणा दे रहे हैं। कवि इस कविता के माध्‍यम से बडे़ सुंदर तरीके से मुन्‍नी से सरेआम बदनाम होने अथवा झंडू  बाम होने को कह रहे हैं। चलचित्र में बार बार मुन्‍नी के रूप और सुडौल शरीर को कम वस्‍त्रों में दिखाकर दर्शकों का मन मोहने का सफल प्रयास किया गया है। मुन्‍नी से मिलने वाले मजे की तुलना मदिरा से और शरीर की तुलना शिल्‍पा शेटटी से भी की गई है।
(मुझे मोबाइल पर मिला एक एसएमएस)

19.12.10

मां

आज मुझे एक एसएमएस मिला। यह एसएमएस वैसे तो हर दिन आने वाले एसएमएस की तरह ही था लेकिन उसके मायने कुछ खास थे। आप भी देखिए।
‘ एक छोटा सा बच्चा अपनी मम्‍मी के साथ जा रहा था। रास्‍ते में एक पुल पर पानी बहुत तेजी से बह रहा था। मम्‍मी कहती है, बेटा डरो मत, मेरा हाथ पकड लो। बेटा कहता है नहीं मम्‍मी आप मेरा हाथ पकड लो। अब मम्‍मी मुस्‍कुराते हुए कहती है, दोनों में क्‍या अंतर है बेटा? बेटा कहता है, अगर मैं आपका हाथ पकडूं और अचानक कुछ हो जाए तो शायद मैं आपका हाथ छोड दूं लेकिन मैं यह जानता हूं कि  यदि आप मेरा हाथ पकडेंगी तो चाहे कुछ भी हो जाए आप मेरा हाथ कभी नहीं छोडेंगी।
ऐसी होती है मां।
अतुल श्रीवास्‍तव

atulshrivastavaa.blogspot.com