वो जमाना भूल नहीं पाते हमजब वो हमारे साथ हंसा करती थी।
वो आंसू भूल नहीं पाते है हमजब वो हमारे साथ रोया करती थी।
वो वक्त नहीं भूल पाते है हमजो हमारे साथ बिताया करती थी।
मगर मैं भूलना चाहता हूं हर उस लम्हें को जो उसके साथ बिताया था मैंने।
लोगों से पूछता हूं मैं, इस मर्ज की दवा,लोग हंसकर कहते है इसका है ही नहीं दवा।
जब मैंने ठाना भूल जाऊंगा मैं उसको,वो फिर याद आती है।
दिल कहता है तू भूल रहा है किसको ?

