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21.3.09

डोर छोटे दिल वालों के हाथ में क्यों?

(प्रसारण के फोटो जर्नलिस्ट मुकेश जोशी ने एक कविता लिखी। उसे हुबहूं पोस्ट कर रहा हूं। यह उनकी पहली कविता है। गौर फरमाईएगा और कैसी लगी, बताइएगा।)
आसमान में उड़ती पतंग,

जब उठास पर होती है,

सबकी निगाहें, उस पर खास होती है ,

आसमान छूती है पतंग,

तो छोटी दिखने लगती है,

दोष नजरिए का,

इल्जाम पतंग पर

दुनिया ऐसे ही क्यों जलती है?

पतंग तो बादलों से भी ऊंचा उडऩा जानती है,

या खुदा,

डोर छोटे दिल वालों के हाथ में ही क्यों होती है?

मुकेश जोशी, रतलाम

4.2.09

वैलेंटाइन्स डे आने को है

वैलेंटाइन्स डे आने को है
>>पंकज व्यास, ratlam
फिजा में प्यार का रस घुलने लगा है,
दिल धड़कने लगे हैं, हवा प्यार की बहने लगी है।
सर्द रात आने को है , मौसम बता रहा है,
वैलेंटाइन्स डे आने को है।

दिल की बात हलक पर आई गई है,
लब पर आने को आतुर है, अब प्यार की बारी आई है,
कोई विरोध को, तो कोई प्यार को बेकरार है।
बस वेलेन्टाइन्स डे आने को है।

मन मचल रहे हंै, दिल धड़क रहे हैं,
बदरी प्यार की छाने को है, तराने प्यार के गाने को है
याद सता रही, उनकी बैचेनी बता रही
अब वेलेन्टाईन डे आने को है।

5.1.09

भड़ास का मतलब क्या समझतें है साहब?

क्या किसी का दिल दुखाना, उलुलजुलुल बकना, सामने वालें को नीचा समझाना, क्या यही भड़ास है?

भड़ास का मतलब होता है अपने दिल का दर्द उगलना, अपना मन हलका करना, न की किसी पर लांछन लगाना। भड़ास अपने फायदे के लिये ही होती है, किसी का दिल दुखाने के लिये नहीं । अगर कोई इससे बड़कर भड़ास का मतलब निकालता है, तो उसके लिए-----

एक दुसरे के लिये अपशब्द कहना भड़ास नहीं है। अपने दिल का बोझा हल्का करा लो, उससे आगे कुछ भड़ास, भड़ास नहीं होगी।
पंकज व्यास, रतलाम
इस पर भी जाएँ http://www.aap-hum.blogspot.com

1.1.09

हेप्पी न्यू इयर 2009

समय की कुछ कमी है, वरना सबको अच्छे से नए साल की बधाई देता। फिलहाल, नववर्ष 2009 की सच्चे से, सच्चे मन से बधाई। किसी औपचारिकता की जरूरत मैं नहीं मानता, इसलिए सीधे-सीधे नए साल की बधाई व शुभ कामनाएं। बाकी की शुभकामनाएं जो दिल से निकल रहीं हैं, शब्दों में व्यक्त फिलहाल नहीं कर पा रहा हूं, समय की कमी है, बाकी आप निश्चिंत रहे आप सबके लिए अच्छी ही कामनाएं हैं। सोचा तो था जो कविता मन में बन रहीं है, वो शब्दों से बयां कर दूंगा, लेकिन वक्त ने कुछ और के लिए मेरा समय ले रखा है।

आप इन पंक्तियों से काम चलाएं कि

आपके आंगन में खुशियों की बहार हो,

सुख-समृद्घि का साथ हो,

नए साल 2009 में शुभकामनाएं हैं हमारी,

इतनी ऊंचाईयों मिले आपको,

कि वक्त भी आपके वक्त का मोहताज हो।

हेप्पी न्यू इयर 2009 पंकज व्यास, रतलाम