बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना. यह पुरानी कहावत बार-बार चरितार्थ होती रही है. इस बार इसे पूरी तरह नहीं बल्कि बुरी तरह चरितार्थ किया टीवी चैनलों ने. भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने सगाई और शादी क्या की, टीआरपी के लिए तरसते चैनलों की मानो बांछे ही खिल गईं. कई चैनलों के रिपोर्टर और एंकर तो इतने प्रसन्न नजर आए जितने शायद अपनी शादी में भी नहीं हुए होंगे. वैसे तो हर चैनल के पास तुर्रम खां टाइप खोजी रिपोर्टर हैं. लेकिन किसी को भी पहले से धोनी की सगाई की भनक तक नहीं लगी. बाद में भनक लगते ही सबमें एक-दूसरे को पछाड़ने की होड़ मच गई. एक से बढ़ कर एक्सक्लूसिव कहानियां थी सबके पास. और यह सिलसिला अब तक थमा नहीं है.
हर चैनलों का दावा था कि धोनी की शादी की खबर तो उसके पास पहले से ही थी और यह भी शादी की तस्वीरें सिर्फ हमारे चैनल पर ही नजर आएंगी. सबके पास एक ही तस्वीरें थीं. कुछ एक समाचार एजंसी की तो कुछ स्थानीय फोटोग्राफरों की. किसी के पास दो सेकेंड का वीडियो फुटेज तक नहीं? भाई लोगों ने खाने के मेन्यू के अलावा घोड़ी, बाजे वाले, होटल के वेटर, टेंट वाले और मेंहदी वाले से एक्सक्लूसिव बातचीत दिखा दी. क्या करें, आखिर भरपाई करनी थी और दर्शकों को अपने भ्रमजाल में उलझाना जो था. सो, मेरी साड़ी तेरी वाली से सफेद की तर्ज पर सब अपनी पीठ खुद ठोकते रहे. इससे पहले अभिषेक बच्चन और एश्वर्या राय की शादी पर ही चैनलों के लोग स्वयंभू बाराती के तौर पर नजर आए थे. वर के पिता अमिताभ बच्चन ने तो खैर चैनल वालों को खाना-पीना भिजवा दिया था. लेकिन धोनी ने तो किसी को पानी तक नहीं पूछा. पानी तो दूर किसी कैमरे वाले को उस होटल के आसपास तक नहीं फटकने दिया जहां शादी होनी थी. अरे भाई, उससे क्या होता है. अपनों को कहीं न्योता दिया जाता है, इसी ब्रह्मवाक्य के सहारे तमाम चैनल अब्दुल्ला बन कर नाचने लगे.
वैसे, निजी बातचीत में ढेर सारे खेल संपादक और रिपोर्टर धोनी से निजी संबंधों का दावा करते मिल जाते हैं. इस साल ईडेन गार्डेन में आपीएल मैचों को कवर करते हुए भी ऐसे दो-तीन सज्जनों से मुलाकात हुई थी. उनमें से दो की तो धोनी से सुबह-शाम बात होती थी. अब मेरे पास उनके मोबाइल की काल डिटेल तो थी नहीं. लेकिन कम से कम उन्होंने तो यही दावा किया था. बावजूद इसके उनको भी कार्ड नहीं मिला. यह तो सरासर नाइंसाफी है. ऐसे दोस्तों को शादी-ब्याह के मौके पर कोई भूलता है भला? अब इसकी खुन्नस तो निकालनी ही थी. आखिर समझा क्या है मीडिया को. शादी और सगाई की कोई फुटेज नहीं थी तो अब बात आगे कैसे बढ़ाएं. सबने राग पकड़ लिया कि टीम इंडिया में नाराजगी है, मतभेद हैं. इसलिए धोनी ने किसी को नहीं बुलाया. बुलाया भी तो कोई नहीं आया. कुछ चैनलों ने अपने खोजी रिपोर्टरों को धोनी के आगे के कार्यक्रम का पता लगाने के लिए दौड़ा लिया और उनकी मेहनत से बनाई रिपोर्ट को एक्सक्लूसिव की पट्टी के सहारे दिखाते हुए बताया कि धोनी अपने जन्मदिन पर मुंबई में रिसेप्शन आयोजित करेंगे. कोई कहने लगा कि दिल्ली में भी होगा. कोई रांची बता रहा था तो कोई कोलकाता. जितने चैनल उतने ही दावे. लेकिन धोनी शादी की अगली सुबह ही दिल्ली पहुंच गए. ठीक तमाम चैनलों की नाक के नीचे. किसी को खबर तक नहीं.
चैनलों की धोनी का असली विजुअल तब मिला जब वे रांची पहुंचे. तीन-चार सेकेंड का वह विजुअल ही चलता रहा हर जगह. उसके बाद एक्सक्लूसिव के चक्कर में एक चैनल ने कथित तौर पर टीम इंडिया के कुछ खिलाड़ियों से बातचीत कर उनकी नाराजगी भी बता दी. पहले ‘आफ द रिकार्ड और नाम नहीं बताने की शर्त पर कहा’ जैसी बातें प्रिंट मीडिया में ही चलती थी. अब चैनलों ने भी शुरूआत कर दी. नाम बताए बिना खिलाड़ियों की नाराजगी जता दी. यानी अब टीवी पर भी लोग आफ द रिकार्ड बोल सकते हैं. बढ़िया है. इससे कई और खबरें ब्रेक की जा सकती हैं.
धोनी शादी के बाद लगातार यात्राएं करते रहे और दिल्ली के बाद रांची से कोलकाता आए. इसबीच, एक चैनल ने एक्सक्लूसिव बना दिया और एंकर गला फाड़ने लगे कि पांच हजार किलोमीटर का सफर करने वाले कप्तान श्रीलंका में टीम इंडिया को कैसे आगे ले जा सकते हैं. वे तो काफी थक चुके होंगे, श्रीलंका पहुंचते-पहुंचते. वह तो भला हो हरियाणा-पंजाब में बरसात और बाढ़ का, वरना किसी भी कीमत पर सबसे तेज खबरें देने का दावा करने वाले तमाम चैनल अब तक वेटर, कार के ड्राइवर, विमान के पायलट और न जाने किस-किस का इंटरव्यू कर चुके होते.
चैनलों का यह धोनी पुराण कुछ कम तो हुआ है, लेकिन थमा नहीं है. अब श्रीलंका में अगर उनका प्रदर्शन जरा भी खराब होता है तो सब एक स्वर में शोर मचाएंगे कि हमने तो पहले ही कहा था कि थका-मांदा इंसान खेल कैसे सकता है. सच तो यह है कि अपनी तमाम कोशिशों के बावजूद अब तक कोई भी चैनल धोनी के मुंह से एक शब्द भी नहीं निकाल सका है. इसलिए तमाम चैनल अपने स्तर पर तमाम किस्से-कहानियां बना रहे हैं. पता नहीं अब तक किसी ने यह क्यों नहीं दिखाया है कि अब युवराज समेत तमाम क्रिकेटर, जिनको धोनी ने नहीं बुलाया था, भी अपनी शादी में धोनी को नहीं बुलाएंगे. हो सकता है, जल्दी ही यह कहानी भी आने लगे.
तो देखते रहिए टेलीविजन पर हमारा खास कार्यक्रम. हम बताएंगे कि आखिर धोनी क्यों हैं टीम इंडिया के सभी खिलाड़ियों से नाराज.....और उन्होंने क्यों नहीं दी अपनी शादी का पार्टी....
Showing posts with label शादी और मीडिया. Show all posts
Showing posts with label शादी और मीडिया. Show all posts
8.7.10
किस्सा शादी का !
Posted by
प्रभाकर मणि तिवारी
0
comments
Labels: धोनी, शादी और मीडिया
Subscribe to:
Posts (Atom)
