खून से सना हुआ एक सच ........एक पत्रकार की आत्मकथा
एक पत्रकार की वो अनसुनी कहानी जिसमे मोजूद है -----सिर्फ दर्द ...................सोचिये अगर ये पत्रकार एक की बजाए हजारो हो तो ??
कैसे टूटते है सपने ......khudh apane माँ बाप के ........न्यूज़ चेनलो के सबसे घिनोनी दास्ताँ .......एक साल मे आठ हजार पत्रकार ----नौकरिया सिर्फ और सिर्फ सिफारिश वालो को ?----क्या है ये सच ?जानने के लिए जरुर देखे ------ये केसी पत्रकारिता -----आशीष
कैसे टूटते है सपने ......khudh apane माँ बाप के ........न्यूज़ चेनलो के सबसे घिनोनी दास्ताँ .......एक साल मे आठ हजार पत्रकार ----नौकरिया सिर्फ और सिर्फ सिफारिश वालो को ?----क्या है ये सच ?जानने के लिए जरुर देखे ------ये केसी पत्रकारिता -----आशीष
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