आज पाकिस्तान के जो हालत हैं, उन्हें देख कर अंदेशा होता है किकहीं फ़िर से फौजी तख्ता पलट न हो जाए। जयपुर से प्रकाशित होने वाले डेली न्यूज़ के रविवारीय परिशिस्ट "हम लोग" में मैं एक स्तम्भ लिखता हूँ "पोथीखाना आज मैंने अपने स्तम्भ में आयशा सिद्दीका कि किताब "मिलिटरी .इंक"कि चर्चा की है। आप मेरी बात पढने के लिए इस पोस्ट के शीर्षक को क्लिक करें तो आप मेरे ब्लॉग पर जाकर इसे पढ़ सकते हैं। शुक्रिया, हम उम्मीद करते हैं कि हमारे पडौस में जल्द ही हालत सुधरेंगे और आम अवाम का मुस्तकबिल बदलेगा।
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15.3.09
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