रजत शर्मा जी,
इंडिया टीवी
सर,
आप कैसे हैं ? आपका काम कैसा चल रहा है ? चैनल की टी.आर.पी कैसी है ?
अरे , मै ये सब क्या पूछ रहा हूँ. जाहिर सी बात है कि इन सवालों से आपका तो कोई सरोकार ही नहीं होगा क्योंकि भूत, शनी की दशा, इछाधारी नाग-नागिन और न जाने क्या-क्या सब तो आपके फैन हैं .
जिस खबिरया चैनल पर 24 घण्टे मे से बारह घण्टे भूत- प्रेत और नाग - नागिन को दिखलाया जाता हो उस चैनल और उसके मालिक पर तो इनकी असीम अनुकम्पा होगी ही.
वैसे ये तोरुर खबर (ब्रेकिंग न्यूज) तो मिल गई थी कि आपके भुतहा चैनल पर भूतो ने अपना हाथ रख दिया है लेकिन आपके बारे मे चिंता हो रही थी सो ये पत्र लिख रहा हूँ. जबावी पत्र में अपने बारे मे जरुर लिखियेगा.….
रजत जी, एक बात मै बड़े दिनों से गौर कर रहा हूँ कि “आपकी अदालत” जिसमें आप वकील और जज दोनो होते हैं और कटघरे मे खड़े आरोपी पर ऐसे आरोप लगाते हैं कि पूछिए मत…….
लेकिन अब इस प्रोग्राम मे बदलाव की जरुरत है ……
आपको नहीं लगता कि बदलाव की जरुरत है ?
ऐसा कैसे हो सकता है कि आपको दर्शकों के पसंद की खबर न हो…….
आप तो सबसे बड़े खिलाड़ी हैं ……..
तभी तो आप सबसे ज्यादा मल्लिका पर आरोप लगाते हैं …..
खैर, मै इन फालतू के झमेलो मे नही पड़ना चाहता…...
हाँ तो, मै बतला रहा था कि इस प्रोग्राम मे कुछ बदलना चाहिए …
मेरे ख्याल से अगर आप इन्सानो के बजाय भूतो पे आरोप तय करे और वो जवाब दें तो कैसा रहेगा……
मजा आ जाएगा….
आप तो रातो-रात फेमस हो जायेंगे और आपका चैनल बाकी के चैनलो से बहुत ऊपर चला जाएगा ……
दर्शकों को प्रोग्राम मे नयापन दिखेगा ……
भूतो का समुदाय आपको अपना सरदार मान लेगा……
और इसमे ज्याद टेंशन भी नहीं है अगर आपको अपने अदालत मे मल्लिका को लाना होता है, तो दस तरह की झीक-झीक होती है इस सोमवार तो टाईम नहीं है ……
इस तरह के सवाल नहीं चलेंगे …..
ऐसा नही, वैसा नहीं और न जाने क्या-क्या....
लेकिन भूतो को बुलाने मे कोई परेशानी नहीं….
शमशान भूमी मे वैसे ही खाली घूमते रह्ते है. वैसे भी आपके पास तो भूतो से परिचत भूतकारों की एक लम्बी फौज है जो हर तरह के भूत को “आपकी अदालत” मे ला सकते हैं.……
तो रजत जी, कब सजेगी अगली “आपकी अदालत”. बेसब्री से इन्तज़ार है ……
- आपका शुभिचन्तक
(रजत शर्मा के नाम एक दर्शक की चिट्ठी)
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20.6.09
एक पत्र रजत शर्मा जी के नाम
Posted by
Vikas Kumar
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Labels: इंडिया टीवी, ख़त, रजत शर्मा
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