सांड का पना
पना आम का
पापड की तरह
पीस कर रख
दिया बाज़ार
अब न जाने
कब और कितने
दिनों में फिर
फूलेगा तब
झूलेंगे निवेशक
पर सांड को
तो दौडाओ
बी एस ई से
परे हटाओ
हे राम जी.
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26.1.08
पीस कर रख दिया बाज़ार
Posted by
अविनाश वाचस्पति
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